नई दिल्ली/बेंगलुरु: कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा को राज्य विधानसभा में आज शाम 4 बजे अपना बहुमत साबित करना है. बीजेपी के बहुमत साबित करने से पहले प्रदेश की राजनीति का सियासी पारा चढ़ा हुआ है. फ्लोर टेस्ट से पहले येदियुरप्पा ने बेंगलुरु में विधायकों के साथ बैठक की, जिसके बाद उन्होंने मीडिया से कहा, 'हम विधानसभा में बहुमत साबित करने पर पूरा भरोसा है. शाम 5 बजे जश्न होगा.'
उच्चतम न्यायालय ने बीते शुक्रवार (18 मई) को यह आदेश सुनाया था. शीर्ष अदालत ने येदियुरप्पा को फ्लोर टेस्ट के लिए राज्यपाल द्वारा दी गई 15 दिन की समयसीमा को घटाते हुए यह व्यवस्था दी. विपक्षी जेडीएस-कांग्रेस गठबंधन के विधायकों द्वारा दलबदल, इस्तीफा देने या मतदान से दूर रहने की स्थिति को छोड़ दें तो बहुमत साबित करने के लिए आंकड़े बीजेपी के पक्ष में नजर नहीं आते. हालिया विधानसभा चुनावों में बीजेपी सबसे बड़े दल के रूप में उभरी और उसके पास 104 सीटें हैं, जबकि कांग्रेस के पास 78 तथा जेडीएस के पास 37 सीटें हैं. तीन सीटें निर्दलीय को मिली हैं. 224 सदस्यीय विधानसभा में मतदान 222 सीटों पर हुआ था. दोनों ही खेमों ने आंकड़े अपने पक्ष में होने का भरोसा जताया है.
उधर, राज्यपाल वजुभाई वाला द्वारा बीजेपी विधायक केजी बोपैया को अस्थायी अध्यक्ष (प्रोटेम स्पीकर) नियुक्त करने को लेकर एक और कानूनी लड़ाई की संभावना पैदा हो गई है. आमतौर पर विधानसभा के सबसे वरिष्ठ सदस्य को अस्थायी अध्यक्ष बनाया जाता है और इस प्रकार कांग्रेस के आर वी देशपांडे इस पद के लिए योग्य हैं.
येदियुरप्पा को बहुमत साबित करने का भरोसा
17 मई की सुबह तीसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले लिंगायत नेता येदियुरप्पा (75) ने कहा कि वह राज्य विधानसभा में बहुमत साबित करने को लेकर ‘‘100 प्रतिशत’’ आश्वस्त हैं. शीर्ष अदालत के आदेश के तुरंत बाद येदियुरप्पा ने बेंगलुरु में पत्रकारों से कहा, ‘हम उच्चतम न्यायालय के आदेश का पालन करेंगे बहुमत साबित करने के लिए हमारे पास 100 प्रतिशत सहयोग एवं समर्थन है.’ येदियुरप्पा ने कहा, ‘‘इस सब राजनीतिक खेल के बीच, हम कल बहुमत साबित करेंगे. हम उच्चतम न्यायालय के आदेश का पालन करेंगे.’’
विधानसभा परिसर की सुरक्षा तय करने का भी निर्देश
पीठ ने राज्य के पुलिस महानिदेशक को निर्देश दिया कि वह विधानसभा परिसर के आसपास समुचित सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करें. पीठ ने कहा कि राज्यपाल को सौंपे गये येदियुरप्पा के पत्रों की संवैधानिक वैधता के सवाल पर बाद में विचार किया जाएगा. न्यायालय ने कहा कि अंतत: बहुमत तो सदन में ही साबित करना होगा और इसीलिये कल (शनिवार, 19 मई) शाम चार बजे शक्ति परीक्षण कराने का आदेश दिया गया है.
मुकुल रोहतगी ने शक्ति परीक्षण के लिए मांगा था 21 मई तक का समय
इस मामले की सुनवाई के दौरान मुख्यमंत्री की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने सोमवार (21 मई) तक का वक्त मांगा था, लेकिन पीठ ने शक्ति परीक्षण कल (शनिवार, 19 मई) करने का आदेश दिया. येदियुरप्पा ने शक्ति परीक्षण गुप्त मतदान के माध्यम से कराने का पीठ से अनुरोध किया जिसे न्यायाधीशों ने अस्वीकार कर दिया.
Source:-Zeenews
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उच्चतम न्यायालय ने बीते शुक्रवार (18 मई) को यह आदेश सुनाया था. शीर्ष अदालत ने येदियुरप्पा को फ्लोर टेस्ट के लिए राज्यपाल द्वारा दी गई 15 दिन की समयसीमा को घटाते हुए यह व्यवस्था दी. विपक्षी जेडीएस-कांग्रेस गठबंधन के विधायकों द्वारा दलबदल, इस्तीफा देने या मतदान से दूर रहने की स्थिति को छोड़ दें तो बहुमत साबित करने के लिए आंकड़े बीजेपी के पक्ष में नजर नहीं आते. हालिया विधानसभा चुनावों में बीजेपी सबसे बड़े दल के रूप में उभरी और उसके पास 104 सीटें हैं, जबकि कांग्रेस के पास 78 तथा जेडीएस के पास 37 सीटें हैं. तीन सीटें निर्दलीय को मिली हैं. 224 सदस्यीय विधानसभा में मतदान 222 सीटों पर हुआ था. दोनों ही खेमों ने आंकड़े अपने पक्ष में होने का भरोसा जताया है.
उधर, राज्यपाल वजुभाई वाला द्वारा बीजेपी विधायक केजी बोपैया को अस्थायी अध्यक्ष (प्रोटेम स्पीकर) नियुक्त करने को लेकर एक और कानूनी लड़ाई की संभावना पैदा हो गई है. आमतौर पर विधानसभा के सबसे वरिष्ठ सदस्य को अस्थायी अध्यक्ष बनाया जाता है और इस प्रकार कांग्रेस के आर वी देशपांडे इस पद के लिए योग्य हैं.
येदियुरप्पा को बहुमत साबित करने का भरोसा
17 मई की सुबह तीसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले लिंगायत नेता येदियुरप्पा (75) ने कहा कि वह राज्य विधानसभा में बहुमत साबित करने को लेकर ‘‘100 प्रतिशत’’ आश्वस्त हैं. शीर्ष अदालत के आदेश के तुरंत बाद येदियुरप्पा ने बेंगलुरु में पत्रकारों से कहा, ‘हम उच्चतम न्यायालय के आदेश का पालन करेंगे बहुमत साबित करने के लिए हमारे पास 100 प्रतिशत सहयोग एवं समर्थन है.’ येदियुरप्पा ने कहा, ‘‘इस सब राजनीतिक खेल के बीच, हम कल बहुमत साबित करेंगे. हम उच्चतम न्यायालय के आदेश का पालन करेंगे.’’
विधानसभा परिसर की सुरक्षा तय करने का भी निर्देश
पीठ ने राज्य के पुलिस महानिदेशक को निर्देश दिया कि वह विधानसभा परिसर के आसपास समुचित सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करें. पीठ ने कहा कि राज्यपाल को सौंपे गये येदियुरप्पा के पत्रों की संवैधानिक वैधता के सवाल पर बाद में विचार किया जाएगा. न्यायालय ने कहा कि अंतत: बहुमत तो सदन में ही साबित करना होगा और इसीलिये कल (शनिवार, 19 मई) शाम चार बजे शक्ति परीक्षण कराने का आदेश दिया गया है.
मुकुल रोहतगी ने शक्ति परीक्षण के लिए मांगा था 21 मई तक का समय
इस मामले की सुनवाई के दौरान मुख्यमंत्री की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने सोमवार (21 मई) तक का वक्त मांगा था, लेकिन पीठ ने शक्ति परीक्षण कल (शनिवार, 19 मई) करने का आदेश दिया. येदियुरप्पा ने शक्ति परीक्षण गुप्त मतदान के माध्यम से कराने का पीठ से अनुरोध किया जिसे न्यायाधीशों ने अस्वीकार कर दिया.
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