Thursday, 31 May 2018

यूपी और बिहार को छोड़कर सब जगह सत्ताधारी पार्टियों का जलवा बरकरार

नई दिल्ली: देश में चार लोकसभा सीटों और 10 राज्यों की 11 विधानसभा सीटों के अंतिम रुझान दिखाते हैं कि अगर उत्तर प्रदेश और बिहार को छोड़ दें तो बाकी राज्यों में उपचुनाव राज्य में सत्ताधारी पार्टी के हक में ही गए हैं. उत्तर प्रदेश में कैराना लोकसभा और नूरपुर विधानसभा सीट के लिए उपचुनाव में नतीजे सत्ताधारी बीजेपी के खिलाफ गए हैं. कैराना में राष्ट्रीय लोक दल प्रत्याशी तबस्सुम हसन ने बीजेपी प्रत्याशी मृगांका सिंह को बड़े अंतर से हराते दिख रही हैं. इसी तरह नूरपुर में समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी ने बीजेपी प्रत्याशी को बड़े अंतर से पीछे कर दिया. विपक्ष ने ये दोनों सीटें बीजेपी से छीनता दिख रहा है. यूपी में सारे विपक्ष के एक साथ आने के बाद बीजेपी के लिए यह दूसरा बड़ा झटका होगा.

महाराष्ट्र में दो लोकसभा सीटों भंडारा-गोंदिया और पालघर के लिए उपचुनाव हुआ. ये दोनों सीटें पहले बीजेपी की पास थीं. भंडारा-गोंदिया सीट बीजेपी सांसद के इस्तीफे तो पालघर सीट बीजेपी सांसद की मृत्यु के कारण खाली हुई थी. अंतिम रुझान मिलने तक दोनों सीटों पर सत्ताधारी बीजेपी आगे थी. हालांकि भंडारा-गोंदिया में कांटे की टक्कर है.

झारखंड में दो विधानसभा सीटों गोमिया और सिल्ली के लिए उपचुनाव हो रहा है. यह दोनों सीटें झारखंड मुक्ति मोर्चा के पास थीं. कानूनी मामलों में फंसने के कारण इन दोनों सीटों के विधायकों को अयोग्य घोषित कर दिया गया था. उपचुनाव में सत्ताधारी बीजेपी गोमिया सीट जेएमएम से छीनती दिख रही है, जबकि सिल्ली पर जेएमएम का कब्जा बरकरार रह सकता है.

पंजाब की शाहकोट विधानसभा सीट अकाली दल के विधायक के निधन के बाद खाली हो गई थी. उपचुनाव में सत्ताधारी कांग्रेस यह सीट अकाली दल से छीनती नजर आ रही है.

केरल की चेनग्नूर विधानसभा सीट सत्ताधारी लेफ्टफ्रंट की प्रमुख पार्टी सीपीएम के पास थी. विधायक के निधन के कारण खाली हुई इस सीट पर सत्ताधारी पार्टी कब्जा बरकरार रखने की ओर है.

कर्नाटक की राजराजेश्वरीनगर विधानसभा सीट पर कर्नाटक विधानसभा चुनाव के समय मतदान नहीं हुआ था. इस पर अब हुए मतदान में सत्ताधारी कांग्रेस पार्टी  जीत के करीब है.

पश्चिम बंगाल की महेशताला विधानसभा सीट सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस के पास थी. पार्टी विधायक के निधन के कारण खाली हुई इस सीट पर टीएमसी ने अपना कब्जा बरकरार रखा है.

नगालैंड राज्य की इकलौती नगालैंड लोकसभा सीट पर उपचुनाव यहां के सांसद निफ्यू रिओ के मुख्यमंत्री बनने के बाद जरूरी हुआ. इस सीट से सत्ताधारी नेशनल डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी (एनडीपीपी) और कांग्रेस समर्थित एनपीएफ के बीच कांटे की टक्कर है.

Source:-Zeenews

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