Thursday, 27 December 2018

The unintentional prime Minister: Anupam Kher, Akshaye Khanna Shine in the Trailer


After much anticipation and wait, Anupam Kher shared the trailer of his upcoming movie The unintentional top Minister on social media on Thursday afternoon.

founded on Sanjaya Baru’s eponymous 2014 memoir, the two.forty three-minute video indicates Manmohan Singh—who served as India’s high Minister from 2004 to 2014—as a person caught within the insidious party politics of Congress, that largely used him as a puppet to warm the PMO’s chair unless Rahul Gandhi’s succession.
within the trailer, both Kher and Akshaye Khanna are in satisfactory kind as PM Singh and Baru, the journalist and policy analyst who labored as his media adviser from 2004 to 2008, and later went on to put in writing a guide on him. From his look to physique language and voice, Kher nails Singh’s mannerisms to the T.

Kher took to Instagram hours earlier than trailer launch to thank Khanna for being part of the bold venture. Sharing a slow-movement video of them from the movie’s set, he wrote, “dear @akshaye_khanna!! i know i will get many possibilities to thank you however in these days being the discharge of our trailer of #TheAccidentalPrimeMinister I want to say that you have been an powerful and most giving co actor. Your brilliance rubbed on me and it helped me carry out my pleasant. you are an proposal.”

evaluating Singh with Mahabharata’s noble but unfortunate warrior Bhishma, the trailer teases at a number of controversies, together with the nuclear deal and the Kashmir dilemma, that proved to be principal elements of conflict between Singh and the Congress.

Directed via Vijay Gutte, the political drama facets German actor Suzanne Bernert as Sonia Gandhi, Arjun Mathur as Rahul Gandhi and Aahana Kumra as Priyanka Gandhi.

With screenplay with the aid of Vijay Gutte, Mayank Tewari, Karl Dunne and Aditya Sinha, the movie is slate to liberate on January eleven, 2019, alongside the Vicky Kaushal’s Uri: The Surgical Strike.

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Thursday, 22 November 2018

‘Misplaced bravado’: SC pulls up Delhi BJP chief Manoj Tiwari, closes contempt case over sealing pressure

An FIR also lodged against Tiwari with the aid of the East Delhi Municipal organization for allegedly breaking the seal of the premises in Gokalpuri area in north-east Delhi on September 16.

Delhi BJP chief Manoj Tiwari has been sharply rebuked by way of the Supreme court for his a lot-publicised motion of breaking into a condo sealed through a court docket-mandated staff in September. “it is a misplaced bravado including chest thumping and a misplaced political agenda,” a bench headed via Justice Madan B Lokur stated in its order on a contempt case in opposition to the lawmaker.

The court docket, nevertheless, did not order any motion towards him. as an alternative, the judges stated it's up to the BJP to take action in opposition to him.

however Justice Lokur’s order letting him off the hook in this case was once scathing in his observations. The court mentioned it was once particularly pained the way in which he took regulation into his own hands.

Manoj Tiwari had broken the lock of a condo sealed through the East Delhi Municipal enterprise in northeast Delhi’s Gokulpur. The property had been sealed for an unlawful dairy that was working from the premises. Tiwari had then justified breaking the seal, questioning why only one apartment was sealed by way of officers if there were 1,000 other houses.

At one factor, the courtroom had additionally told him to provide you with a record of 1,000 unauthorised houses and supplied to provide him the energy to seal them too.

Tiwari had claimed that he didn’t mean to disrespect the court but was once “pressured to do symbolic affirmative protest action against the illegal sealing action achieved with the aid of officers.”

Senior information Vikas Singh, appearing for the BJP leader, had claimed before the bench that “monitoring committee need to terrorise the persons of Delhi. that is only for publicity”.

the highest courtroom had previous ordered restoration of its 2006 monitoring committee to determine and seal unauthorised buildings in Delhi.

The monitoring committee, comprising ok J Rao, former consultant to the Election Commissioner, Bhure Lal, chairman of environment pollution (Prevention and manipulate) Authority, and major common (Retd) Som Jhingan, used to be set up on March 24, 2006, through the highest court docket.

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Monday, 19 November 2018

श्री धर्मेन्द्र प्रधान ने निवेशकों को भारत की विकास गाथा में भागीदार बनने और उसका लाभ उठाने के लिए आमंत्रित किया

केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस तथा कौशल विकास और उद्यमिता मंत्री श्री धर्मेन्द्र प्रधान ने निवेशकों को भारत की विकास गाथा में भागीदार बनने और उसका लाभ उठाने के लिए आमंत्रित किया। सोमवार को आबु धाबी में डिस्कवर्ड स्मॉल फील्ड-II बोलियों के लिए रोड शो के दौरान उन्होंने कहा की पिछले चार वर्षों में, हमने तेल और गैस के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं, परन्तु सर्वोत्कृष्ट प्राप्त करना बाकी हैं। उन्होंने कहा की कोई राष्ट्र, अंतर्राष्ट्रीय संगठन या कंपनी साझेदारी और सहयोग के बिना प्रगति नही कर सकती। 
 श्री प्रधान ने कहा की भारत आज विश्व में तीसरा सबसे बड़ा ऊर्जा उपभोक्ता है। उन्होंने कहा कि वैश्विक तौर पर ऊर्जा की मांग सबसे अधिक भारत में बढ़ने की संभावना है। उन्होंने कहा की वर्तमान में भारत की तेल और गैस की मांग 22.9 करोड़ मैट्रिक टन की है जो 2040 में तीन गुना बढ़कर 60.7 करोड़ मैट्रिक टन बढ़ जायेगी। उन्होंने कहा की भारत में अपस्ट्रीम तेल और गैस क्षेत्र में निवेश की अनेक उज्जवल संभावनाएं हैं।
मंत्री ने कहा की भारत सरकार ने देश में ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नीतिगत फ्रेमवर्क को दुरूस्त किया है जिसमें समूची ऊर्जा मूल्य श्रृंखला को कवर किया गया है। उन्होंने कहा की भारतीय क्षेत्र में खोज के लिए निवेश आकर्षित करने के लिए हाइड्रोकार्बन खोज और लाइसेंस नीति और खोजे गए लघु क्षेत्रों संबधी नीति की दिशा में प्रगतिशील उपाय किये गए हैं।
श्री प्रधान ने कहा की सरकार ने कई तरह के अन्य नीतिगत सुधार भी किये है, जिनमें कोयला क्षेत्र मीथेन नीति, परिपक्व क्षेत्र से तेल और गैस का उत्पादन बढ़ाने के उपाय आदि शामिल हैं।
मंत्री ने कहा की भारत गैस आधारित स्वच्छ अर्थव्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है। वर्तमान में प्राकृतिक गैस की हिस्सेदारी हमारी समग्र ऊर्जा में अपेक्षाकृत कम हैं। उन्होंने कहा की देश में 8 अरब अमरीकी डॉलर से अधिक की गैस ढांचा परियोजनाएं कार्यान्वित की जा रही है। उन्होंने कहा की 2022 तक हमारा लक्ष्य ऊर्जा साधनों में प्राकृतिक गैस की हिस्सेदारी वर्तमान 6.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत पर ले जाने का है। उन्होंने कहा कि भारत एक मजबूत प्राकृतिक गैस व्यापार केंद्र कायम करने का इच्छुक हैं। 

Tuesday, 13 November 2018

कैबिनेट ने विदेशी राष्ट्रीय तेल कंपनियों द्वारा कर्नाटक के पादुर रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार को भरने की मंजूरी दी

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने विदेशी राष्ट्रीय तेल कंपनियों (एनओसी) द्वारा कर्नाटक के पादुर स्थित पादुर रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार (एसपीआर) को भरने की मंजूरी दे दी है। पादुर स्थित एसपीआर सुविधा एक भूमिगत चट्टानी गुफा है जिसकी कुल क्षमता 2.5 मिलियन मीट्रिक टन (एमएमटी) है। इसमें चार कक्ष हैं जिनमें से प्रत्येक की क्षमता 0.625 एमएमटी है।
इंडियन स्ट्रेटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व्स लिमिटेड (आईएसपीआरएल) ने तीन स्थानों यथा विशाखापत्तनम (1.33 एमएमटी), मंगलोर (1.5 एमएमटी) और पादुर (2.5 एमएमटी) में कुल मिलाकर 5.33 एमएमटी कच्चे तेल के भंडारण के लिए भूमिगत चट्टानी गुफाओं का निर्माण करने के साथ-साथ इन्हें चालू भी कर दिया है। वित्त वर्ष 2017-18 के लिए उपभोग आंकड़ों के अनुसार, एसपीआर कार्यक्रम के प्रथम चरण के तहत कुल 5.33 एमएमटी क्षमता की बदौलत वर्तमान में भारत की कच्चा तेल संबंधी आवश्यकता के लगभग 95 दिनों की आपूर्ति होने का अनुमान है। वित्त वर्ष 2017-18 के लिए उपभोग आंकड़ों के मुताबिक, सरकार ने ओडिशा के चंडीखोल और कर्नाटक के पादुर में 6.5 एमएमटी की अतिरिक्त एसपीआर सुविधाओं की स्थापना के लिए जून 2018 में सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है जिससे भारत की ऊर्जा सुरक्षा में 11.5 दिनों की वृद्धि होने की आशा है। 

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने नागरिक व व्यावसायिक मामलों में भारत और मोरक्को के बीच परस्पर कानूनी सहायता पर समझौते को मंजूरी दी है।
विशेषताएं-
  1. सम्मन और अन्य न्यायिक दस्तावेजों या प्रक्रियाओं की तामील
  2. सिविल मामलों में साक्ष्य प्राप्त करना
  3. दस्तावेजों, रिकार्डिंग की प्रस्तुति, पहचान या परीक्षण
  4. सिविल मामलों में साक्ष्य प्राप्त करने के लिए अनुनय-प्रपत्र का कार्यान्वयन, और
  5. मध्यस्थता फैसलों की पहचान और इनका कार्यान्वयन
लाभ :
यह समझौता दोनों ही देशों के नागरिकों के लिए फायदेमंद साबित होगा। यह समझौता परस्पर मित्रता और सिविल व व्यावसायिक मामलों में प्रभावी सहयोग से संबंधित दोनों देशों की आकांक्षाओं को पूरा करेगा और यही इस समझौते की भावना, मूलभाव और भाषा है। भारत और मोरक्को के बीच यह समझौता सम्मन, न्यायिक दस्तावेज, अनुनय-प्रपत्र तथा मध्यस्थता फैसलों एवं न्यायिक फैसलों के कार्यान्वयन की तामील में आपसी सहयोग को बढ़ाएगा।

पृष्ठभूमि :
      स्वतंत्रतापूर्व के समय से भारत और अफ्रीकी देशों के बीच संबंध रहे हैं। भारत और मोरक्को के बीच सौहार्दपूर्ण और मैत्रीपूर्ण संबंध रहे हैं। समय के साथ परस्पर संबंध और भी मजबूत हुए हैं। दोनों देश गुटनिरपेक्ष आंदोलन के हिस्सा रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र में भारत ने मोरक्को की आजादी तथा मोरक्को स्वतंत्रता आंदोलन का समर्थन किया था। भारत ने 20 जून, 1956 को मोरक्को को मान्यता दी थी और 1957 में संबंध स्थापित किये थे। भारत मोरक्को के साथ परस्पर सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता में विश्वास रखता है और सिविल तथा व्यावसायिक मामलों में दोनों देशों के बीच आपसी संबंधों को विस्तार देने पर बल देता है।  




Saturday, 3 November 2018

प्रधानमंत्री को सियोल शांति पुरस्कार

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी को अंतर्राष्‍ट्रीय सहयोग और वैश्विक आर्थिक विकास को बढ़ावा देने, आर्थिक विकास को गति देकर भारत में लोगों के जीवन स्‍तर को सुधारने तथा भ्रष्‍टाचार निरोधक उपायों और सामाजिक एकता के प्रयासों के जरिए देश में लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए 2018 के सियोल शांति पुरस्‍कार से सम्‍मानित किया जाएगा। सियोल शांति पुरस्‍कार समिति ने यह सम्‍मान प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री के नाम का चयन किया है।
समिति ने कहा है कि वह भारत सहित वैश्विक अर्थव्‍यवस्‍था के विकास में श्री मोदी के योगदान और गरीब और अमीर के बीच आर्थिक और सामाजिक विषमताओं की खाई पाटने में ‘मोदीनॉमिक्‍स’ के महत्‍व को स्‍वीकार करती है। समिति‍ ने विमुद्रीकरण और भ्रष्‍टाचार निरोधक उपायों के जरिए सरकारी तंत्र को भ्रष्‍टाचार मुक्‍त करने के लिए प्रधानमंत्री द्वारा उठाए गए कदमों की भी सराहना की है। समिति ने 'मोदी सिद्धांत' और एक्‍ट ईस्‍ट पॉलिसी' के माध्‍यम से दुनिया भर के देशों के साथ एक सक्रिय विदेशी नीति के जरिए क्षेत्रीय और वैश्विक शांति के प्रति उनके योगदान को भी स्‍वीकार किया है। श्री मोदी यह पुरस्कार प्राप्‍त करने वाले 14वें व्‍यक्ति हैं।
कोरिया गणराज्य के साथ भारत की मजबूत भागीदारी के परिप्रेक्ष्‍य में प्रधानमंत्री ने इस प्रतिष्ठित सम्मान के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इसे स्‍वीकार किया है। आपस में सहमति के अनुसार किसी निर्धारित दिन यह पुरस्कार श्री मोदी को सियोल शांति पुरस्कार फाउंडेशन द्वारा दिया जाएगा।
पृष्‍ठभूमि :
 सियोल शांति पुरस्‍कार की शुरूआत 1990 में कोरिया गणराज्‍य में 24वें ओलंपिक खेलों के सफल आयोजन के उपलक्ष्‍य में की गई थी। इन खेलों में दुनिया भर के 160 देशों के खिलाडि़यों ने भाग लेते हुए सद्भाव, मित्रता, शांति और आपसी मेल-मिलाप के विश्वव्यापी माहौल का निर्माण किया। यह पुरस्‍कार कोरियाई लोगों को देश और दुनिया में शांति बनाए रखने की इच्‍छा का प्रतीक है।
यह  पुरस्‍कार मानवता के कल्‍याण और विश्व शांति के लिए योगदान देने वाले व्‍यक्तियों को प्रत्‍येक दो वर्ष में एक बार दिया जाता है। इस पुरस्‍कार के पिछले विजेताओं में संयुक्‍त राष्‍ट्र के पूर्व महासचिव कोफी अन्नान, जर्मन चांसलर एंजेला मार्केल और डॉक्टर्स विदाउट बॉडर्स तथा ऑक्सफैम जैसी प्रसिद्ध हस्तियों सहित अंतरराष्ट्रीय संगठन शामिल हैं। इस पुरस्‍कार के लिए प्रधानमंत्री के नाम का चयन 1300 से अधिक उम्मीदवारों के बीच किया गया है। चयन समिति ने प्रधानमंत्री श्री मोदी को इस पुरस्‍कार के लिए सर्वश्रेष्‍ठउम्‍मीदवार माना है। 

प्रधानमंत्री ने 'मैं नहीं हम’ पोर्टल और एप लांच किया प्रधानमंत्री ने आईटी और इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण से जुड़े प्रोफेशनलों से संवाद किया

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने आज नई दिल्ली में 'मैं नहीं हम' पोर्टल और एप लॉन्च किया।
'मैं नहीं हम' पोर्टल 'सेल्फ4सोसाइटी' की थीम पर काम करेगा। इससे आईटी पेशेवरों और संगठनों को सामाजिक मुद्दों और समाज की सेवा के लिए उनके किए गए प्रयासों को एक मंच पर लाने में मदद मिलेगी। ऐसा करने में यह पोर्टल समाज के कमजोर तबकों की सेवा में खासकर प्रौद्योगिकी के फायदों के जरिए बड़े सहयोग को बढ़ावा देने में उत्प्रेरक की भूमिका निभाएगा। ये उम्मीद की जाती है कि समाज के हित में काम करने के लिए लोगों की भागीदारी बढ़ाने में भी यह पोर्टल मददगार साबित होगा।
इस मौके पर आईटी और इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण से जुड़े पेशेवरों, उद्योग से जुड़ी हस्तियों और टेक्नोक्रेट को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि मुझे पूरा भरोसा है कि लोग दूसरों के लिए काम करना, समाज की सेवा करना और कुछ सकारात्मक बदलाव लाने के लिए काम करना चाहते हैं।
प्रधानमंत्री से आज संवाद करने वालों में श्री आनंद महिंद्रा, श्रीमती सुधा मूर्ति और भारत की बड़ी आईटी कंपनियों से जुड़े बड़ी संख्या में युवा पेशेवर शामिल थे।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सभी प्रयासों को चाहे वो छोटे हों या बड़े को महत्व दिया जाना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार की बजट और योजनाएं हो सकती हैं लेकिन किसी भी पहल की सफलता उसमें शामिल लोगों की भागादारी से मिलती है। प्रधानमंत्री ने मौके पर मौजूद लोगों से कहा कि हम ये सोचें कि कैसे अपनी ताकत का इस्तेमाल दूसरों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए करें।  

प्रधानमंत्री ने यह बात रेखांकित की कि उन्‍होंने भारत के युवाओं को प्रौद्योगिकी की ताकत का बड़े ही अच्‍छे ढंग से उपयोग करते हुए देखा है। उन्‍होंने कहा कि देश के युवा प्रौद्योगिकी का उपयोग न केवल अपने लिए, बल्कि दूसरे लोगों के कल्‍याण के लिए भी कर रहे हैं। उन्‍होंने इसे एक अदभुत संकेत के रूप में वर्णित किया। प्रधानमंत्री ने इस बात का उल्‍लेख किया कि सामाजिक क्षेत्र में अनेक स्‍टार्ट-अप्स कार्यरत हैं। इसके साथ ही उन्‍होंने युवा सामाजिक उद्यमियों की सफलता की कामना की।
प्रधानमंत्री ने टाउनहॉल तर्ज पर आयोजित संवाद के दौरान विभिन्‍न प्रश्‍नों का जवाब देते हुए कहा कि यह अत्‍यंत आवश्‍यक है कि हम अपने निर्धारित कार्यकलाप से परे हटकर कुछ अभिनव कार्य करें। उन्‍होंने कहा कि सीखने और नई खोज करने की व्‍यापक गुंजाइश है।
आईटी प्रोफेशनलों ने विशेषकर कौशल विकास और स्‍वच्‍छता के क्षेत्र में सामाजिक स्‍वयंसेवा के लिए किये जा रहे प्रयासों के बारे में विस्‍तार से बताया। एक प्रश्‍न के जवाब में प्रधानमंत्री ने विशेष जोर देते हुए कहा कि स्‍वच्‍छ भारत मिशन का प्रतीक बापू का चश्‍मा है,  प्रेरणा बापू हैं और हम बापू के सपने को साकार कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि अनेक अवसरों पर जब सरकार कुछ नहीं कर पाती है, तो उसे ‘संस्कार’ कर दिखाते हैं। उन्‍होंने कहा कि हमें स्‍वच्‍छता को अपनी दिनचर्या का एक हिस्‍सा बनाना चाहिए।
प्रधानमंत्री ने कहा कि स्वयं सेवा के प्रयासों से कृषि क्षेत्र में काफी कुछ किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि किसानों के कल्याण के लिए युवाओं को बढ़चढ़ कर काम करना चाहिए।
प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले की तुलना में अधिक लोग कर अदायगी कर रहे हैं, क्योंकि उन्हें भरोसा है कि उनके धन का समुचित इस्तेमाल हो रहा है जो लोगों के कल्याण के लिए है।
उन्होंने कहा कि भारत अपने युवाओं की प्रतिभा के बल पर स्टार्टअप क्षेत्र में कीर्तिमान कायम कर रहा है।
ग्रामीण डिजिटल उद्यमिता के सृजन के लिए कार्यरत एक टीम के प्रश्न के उत्तर में प्रधानमंत्री ने कहा कि एक ऐसे भारत का सृजन करना महत्वपूर्ण है, जहां सबके लिए समान अवसर हो।
प्रधानमंत्री ने कहा कि समाज सेवा के कार्य को सबके लिए एक गर्व का विषय होना चाहिए।
व्यापार और उद्योग की आलोचना के रूझानों से असहमति व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इस टाउन हॉल में आयोजित कार्यक्रम ने यह दर्शाया है कि किस प्रकार अग्रणी कंपनियां विशिष्ट सामाजिक कार्य कर रहे हैं और अपने कर्मचारियों से यह कह रहे हैं कि वे आगे आकर लोगों की सेवा करें।

Tuesday, 30 October 2018

'मन की बात’ की 49वीं कड़ी में प्रधानमंत्री के संबोधन का मूल पाठ (28.10.2018)

 मेरे प्यारे देशवासियो, आप सबको नमस्कार। 31 अक्तूबर हम सबके प्रिय सरदार वल्लभभाई पटेल की जयन्ती और हर वर्ष की तरह ‘Run for Unity’ के लिए देश का युवा एकता के लिए दौड़ने को तैयार हो गया है। अब तो मौसम भी बहुत सुहाना होता है।यह ‘Run for Unity’ के लिए जोश को और बढ़ाने वाला है।मेरा आग्रह है कि आप सब बहुत बड़ी संख्या में एकता की इस दौड़ में ‘Run for Unity’ में अवश्य भाग लें। आज़ादी से लगभग साढ़े छह महीने पहले,27 जनवरी 1947 को विश्व कीप्रसिद्ध international magazine ‘Time Magazine’ ने जो संस्करण प्रकाशित किया था,उसके cover page पर सरदार पटेल का फोटो लगा था।अपनी lead story में उन्होंने भारत का एक नक्शा दिया था और ये वैसा नक्शा नहीं था जैसा हम आज देखते हैं।ये एक ऐसे भारत का नक्शा था जो कई भागों में बंटा हुआ था। तब 550 से ज्यादा देशी रियासते थीं।भारत को लेकर अंग्रेजों की रूचि ख़त्म हो चुकी थी, लेकिन वो इस देश को छिन्न-भिन्न करके छोड़ना चाहते थे।‘Time Magazine’ ने लिखा था कि भारत पर विभाजन, हिंसा, खाद्यान्न -संकट, महँगाई और सत्ता की राजनीति से जैसे खतरे मंडरा रहे थे।आगे ‘Time Magazine’ लिखता है कि  इन सबके बीच देश को एकता के सूत्र में पिरोने और घावों को भरने की क्षमता यदि किसी में है तो वो है सरदार वल्लभभाई पटेल।‘Time Magazine’ की story लौह पुरुष के जीवन के दूसरे पहलुओं को भी उजागर करती है।कैसे उन्होंने 1920 के दशक में अहमदाबाद में आयी बाढ़ को लेकर राहत कार्यों का प्रबंधन किया। कैसे उन्होंने बारडोली सत्याग्रह को दिशा दी। देश के लिए उनकी ईमानदारी और प्रतिबद्धता ऐसी थी कि किसान, मजदूर से लेकर उद्योगपति तक, सब उन पर भरोसा करते थे।गांधी जी ने सरदार पटेल से कहा कि राज्यों की समस्याएँ इतनी विकट हैं कि केवल आप ही इनका हल निकाल सकते हैं और सरदार पटेल ने एक-एक कर समाधान निकाला और देश को एकता के सूत्र में पिरोने के असंभव कार्य को पूरा कर दिखाया।उन्होंने सभी रियासतों का भारत में विलय कराया। चाहे जूनागढ़ हो या हैदराबाद, त्रावणकोर हो या फिर राजस्थान की रियासतें - वे सरदार पटेल ही थे जिनकी सूझबूझ और रणनीतिक कौशल से आज हम एक हिन्दुस्तान देख पा रहे हैं।एकता के बंधन में बंधे इस राष्ट्र को, हमारी भारत माँ को देख करके हम स्वाभाविक रूप से सरदार वल्लभभाई पटेल का पुण्य स्मरण करते हैं।इस 31 अक्तूबर को सरदार पटेल की जयन्ती तो और भी विशेष होगी - इस दिन सरदार पटेल को सच्ची श्रद्धांजलि देते हुए हम Statue of Unity राष्ट्र को समर्पित करेंगे।गुजरात में नर्मदा नदी के तट पर स्थापित इस प्रतिमा की ऊँचाई अमेरिका के Statue of Liberty से दो गुनी है।ये विश्व की सबसे ऊंची गगनचुम्बी प्रतिमा है। हर भारतीय इस बात पर अब गर्व कर पायेगा कि दुनिया की सबसे ऊँची प्रतिमा भारत की धरती पर है।वो सरदार पटेल जो जमीन से जुड़े थे, अब आसमान कीभीशोभा बढ़ाएँगे। मुझे आशा है कि देश का हर नागरिक ‘माँ-भारती’ की इस महान उपलब्धि को लेकर के विश्व के सामने गर्व के साथ सीना तानकरके, सर ऊँचा करके इसका गौरवगान करेगा और स्वाभाविक है हर हिन्दुस्तानी को Statue of Unity देखने का मन करेगा और मुझे विश्वास है हिन्दुस्तान से हर कोने से लोग, अब इसको भी अपना एक बहुत ही प्रिय destination के रूप में पसंद करेंगे।

     मेरे प्यारे भाइयो-बहनो, कल ही हम देशवासियों ने ‘Infantry Day’ मनाया है। मैं उन सभी को नमन करता हूँ जो भारतीय सेना का हिस्सा हैं। मैं अपने सैनिकों के परिवार को भी उनके साहस के लिए salute करता हूँ, लेकिन क्या आप जानते हैं कि हम सब हिन्दुस्तान के नागरिक ये ‘Infantry Day’ क्यों मानते हैं?यह वही दिन है, जब भारतीय सेना के जवान कश्मीर की धरती पर उतरे थे और घुसपैठियों से घाटी की रक्षा की थी।इस ऐतिहासिक घटना का भी सरदार वल्लभभाई पटेल से सीधा सम्बन्ध है। मैं भारत के महान सैन्य अधिकारी रहे Sam Manekshawका एक पुराना interview पढ़ रहा था। उस interview में Field Marshal Manekshawउस समय को याद कर रहे थे,जब वो कर्नल थे। इसी दौरान अक्तूबर 1947 में, कश्मीर में सैन्य अभियान शुरू हुआ था।Field Marshal Manekshawने बताया कि किस प्रकार से एक बैठक के दौरान कश्मीर में सेना भेजने में हो रहे विलम्ब को लेकर सरदार वल्लभभाई पटेल नाराज हो गए थे। सरदार पटेल ने बैठक के दौरान अपने ख़ास अंदाज़ में उनकी तरफ देखा और कहा कि कश्मीर में सैन्य अभियान में ज़रा भी देरी नहीं होनी चाहिये और जल्द से जल्द इसका समाधान निकाला जाए।इसी के बाद सेना के जवानों ने कश्मीर के लिए उड़ान भरी और हमने देखा कि किस तरह से सेना को सफलता मिली।31 अक्तूबर को हमारी भूतपूर्व प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गाँधी जी की भी पुण्यतिथि है।इंदिराजी को भी आदरपूर्वक श्रद्धांजलि।

     मेरे प्यारे देशवासियो, खेल किसको पसंद नहीं है।खेल जगत में spirit, strength, skill, stamina- ये सारी बातें बहुत ही महत्वपूर्ण हैं।यह किसी खिलाड़ी की सफलता की कसौटी होते हैं और यही चारों गुण किसी राष्ट्र के निर्माण के भी महत्वपूर्ण होते हैं। किसी देश के युवाओं के भीतर अगर ये हैं तो वो देश न सिर्फ अर्थव्यवस्था, विज्ञान और technologyजैसे क्षेत्रों में तरक्की करेगा बल्कि sportsमें भी अपना परचम फहराएगा। हाल ही में मेरी दो यादगार मुलाकातें हुई। पहले जकार्ता में हुईAsian Para Games 2018 के हमारे Para Athletes से मिलने का मौका मिला। इन खेलों में भारत ने कुल 72 पदक जीतकर नया रिकॉर्ड बनाया और भारत का गौरव बढ़ाया।इन सभी प्रतिभावान Para Athletesसे मुझे निजी तौर पर मिलने का सौभाग्य मिला और मैंने उन्हें बधाई दी। उनकी दृढ़ इच्छाशक्ति और हर विपरीत परिस्थिति से लड़कर आगे बढ़ने का उनका जज़्बा हम सभी देशवासियों को प्रेरित करने वाला है।इसी तरह से Argentina में हुई Summer Youth Olympics 2018 के विजेताओं से मिलने का मौका मिला। आपको ये जान करके प्रसन्नता होगी कि Youth Olympics 2018 में हमारे युवाओं ने अब तक का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन किया। इस आयोजन में हमने 13 पदक के अलावा mix event में 3 और पदक हासिल किये। आपको याद होगा कि इस बार Asian Games में भी भारत का प्रदर्शन बेहतरीन रहा था। देखिये पिछले कुछ मिनटों में मैंने कितनी बार अब तक का सबसे अच्छा, अब तक का सबसे शानदार ऐसे शब्दों का प्रयोग किया। ये है आज के भारतीय खेलों की कहानी जो दिनों दिन नई ऊचाईयाँ छू रही है। भारत सिर्फ खेलों में ही नहीं बल्कि उन क्षेत्रों में भी नए रिकॉर्ड बना रहा है जिनके बारे में कभी सोचा तक नहीं गया था। उदाहरण के लिए मैं आपको Para Athlete नारायण ठाकुर के बारे में बताना चाहता हूँ। जिन्होंने 2018 के Asian Para Games में देश के लिए Athletics में Gold Medal जीता है।वह जन्म से ही दिव्यांग है। जब 8 वर्ष के हुए तो उन्होंने अपने पिता को खो दिया। फिर अगले 8 वर्ष उन्होंने एक अनाथालय में बिताये। अनाथालय छोड़ने के बाद ज़िन्दगी की गाड़ी चलाने के लिए DTC की बसों को साफ़ करने और दिल्ली में सड़क के किनारे ढाबों में वेटर के तौर पर कार्य किया। आज वही नारायण International Events में भारत के लिए गोल्ड मेडल जीत रहे हैं। इतना ही नहीं, भारत की खेलों में उत्कृष्टता के बढ़ते दायरे को देखिये, भारत ने जूडो में कभी भी, चाहे वो सीनियर लेवल हो या जूनियर लेवल कोई ओलिंपिक मेडल नहीं जीता है। पर तबाबी देवी ने Youth Olympics में जूडो में सिल्वर मेडल जीत कर इतिहास रच दिया। 16 वर्ष की युवा खिलाड़ी तबाबी देवी मणिपुर के एक गाँव की रहने वाली है। उनके पिता एक मजदूर हैं जबकि माँ मछली बेचने का काम करती है। कई बार उनके परिवार के सामने ऐसा भी समय आया जब उनके पास खाने के लिए भी पैसे नहीं होते थे। ऐसी परिस्थितियों में भी तबाबी देवी का हौसला डिगा नहीं सकी। और उन्होंने देश के लिए मेडल जीत कर इतिहास रचा है। ऐसी तो अनगिनत कथाएँ हैं। हर एक जीवन प्रेरणा का स्रोत है। हर युवा खिलाड़ी उसकाजज़्बा New India की पहचान है।

     मेरे प्यारे देशवासियो, आप सब को याद होगा कि हमने 2017 में FIFA Under17 World Cup  का सफल आयोजन किया था। पूरे विश्व ने बेहद सफल टूर्नामेंट के तौर पर उसे सराहा भी था। FIFA Under17 World Cup  में दर्शकों की संख्या के मामले में भी एक नया कीर्तिमान रच दिया था। देश के अलग-अलग स्टेडियम में 12 लाख से अधिक लोगों ने फुटबॉल मैचों का आनंद लिया और युवा खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाया। इस वर्ष भारत को भुवनेश्वर में पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप 2018 के आयोजन का सौभाग्य मिला है।Hockey World Cup 28 नवम्बरसे प्रारंभ हो कर 16 दिसम्बरतक चलेगा। हर भारतीय चाहे वह कोई भी खेल खेलता हो या किसी भी खेल में उसकी रूचि हो हॉकी के प्रति एक लगाव, उसके मन में अवश्य होता है। भारत का हॉकी में एक स्वर्णिम इतिहास रहा है। अतीत में भारत को कई प्रतियोगिताओं में स्वर्ण पदक मिले हैं और एक बार विश्व कप विजेता भी रहा है। भारत ने हॉकी को कई महान खिलाड़ी भी दिए हैं। विश्व में जब भी हॉकी की चर्चा होगी तो भारत के इन महान खिलाड़ियों के बिना हॉकी की कहानी अधूरी रहेगी। हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद से तो पूरी दुनिया परिचित है। उसके बाद बलविंदर सिंह सीनियर, लेस्ली क्लौड़ीयस(Leslie Claudius), मोहम्मद शाहिद,  उधमसिंह से लेकर धनराज पिल्लई तक हॉकी ने एक बड़ा सफ़र तय किया है। आज भी टीम इंडिया के खिलाड़ी अपने परिश्रम और लगन की बदौलत मिल रही सफलताओं से हॉकी की नई पीढ़ी को प्रेरित कर रहे हैं। खेल प्रेमियों के लिए रोमांचक matches को देखना एक अच्छा अवसर है। भुवनेश्वर जाएँ और न सिर्फ भारतीय टीम का उत्साहबढ़ाएँ बल्कि सभी टीमों को प्रोत्साहित करें। ओड़िशा एक ऐसा राज्य है जिसका अपना गौरवपूर्ण इतिहास है, समृद्ध, सांस्कृतिक विरासत है और वहाँ के लोग भी गर्म जोशी भरे होते हैं। खेल प्रेमियों के लिए ये ओड़िसा दर्शन का भी एक बहुत बड़ा अवसर है। इस दौरान खेलों का आनंद उठाने के साथ ही आप कोणार्क के सूर्य मंदिर, पुरी में भगवान् जगन्नाथ मंदिर और चिल्का लेक समेत कई विश्वप्रसिद्ध दर्शनीय और पवित्र स्थल भी जरुर देख सकते हैं। मैं इस प्रतियोगिता के लिए भारतीय पुरुष हॉकी टीम को शुभकामनाएं देता हूँ और उन्हें विश्वास दिलाता हूँ कि सवा-सौ करोड़ भारतीय उनके साथ और उनके समर्थन में खड़े हैं व भारत आने वाली विश्व की सभी टीमों को भी बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूँ।

     मेरे प्यारे देशवासियो, सामाजिक कार्य के लिए जिस प्रकार से लोग आगे आ रहे हैं, इसके लिए Volunteering कर रहे हैं। वो पूरे देशवासियों के लिए प्रेरणादायक हैं, जोश भरने वाला है। वैसे सेवा परमो धर्मःये भारत की विरासत है। सदियों पुरानी हमारी परंपरा है और समाज में हर कोने में, हर क्षेत्र में इसकी सुगंध आज भी हम महसूस करते हैं। लेकिन नए युग में, नए तरीके से, नई पीढ़ी, नए उमंग से, नए उत्साह से, नए सपने लेकर के इन कामों को करने के लिए आज आगे आ रही है। पिछले दिनों मैं एक कार्यक्रम में गया था जहाँ एक portal launch किया गया है, जिसका नाम है- ‘Self 4 Society’, MyGovऔर देश की IT और electronics industry ने अपने employees को social activities के लिए motivateकरने और उन्हें इसके अवसर उपलब्ध कराने के लिए इस portal को launch किया है । इस कार्य के लिए उनमें जो उत्साह और लगन है उसे देख कर हर भारतीय को गर्व महसूस होगा।IT to Society,मैं नहीं हम, अहम् नहीं वयम्, स्व से समष्टि की यात्रा की इसमें महक है। कोई बच्चों को पढ़ा रहा है, तो कोई बुजुर्गों को पढ़ा रहा है, कोई स्वच्छता में लगा है, तो कोई किसानों की मदद कर रहा है और ये सब करने के पीछे कोई लालसा नहीं है बल्कि इसमें समर्पण और संकल्प का निःस्वार्थ भाव है।एक युवा ने तो दिव्यांगों कीwheelchair basketball team की मदद के लिए खुद wheelchair basketball सीखा। ये जोजज़्बा है, ये जो समर्पण है - ये mission mode activity है। क्या किसी हिन्दुस्तानी को इस बात का गर्व नहीं होगा ! जरुर होगा ! ‘मैं नहीं हम’ की ये भावना हम सब को प्रेरित करेगी।

     मेरे प्यारे भाइयो-बहनो, इस बार जब मैं ‘मन की बात’ को लेकर आप लोगों के सुझाव देख रहा था तो मुझे पुडुचेरी से श्री मनीष महापात्र की एक बहुत ही रोचक टिप्पणी देखने को मिली। उन्होंने Mygovपर लिखा है-‘कृपया आप ‘मन की बात’ में इस बारें में बात कीजिये कि कैसे भारत की जनजातियाँ उनके रीति-रिवाज और परंपराएँ प्रकृति के साथ सह-अस्तित्व के सर्वश्रेष्ठ उदाहरण हैं’।Sustainable development के लिए कैसे उनके traditionsको हमें अपने जीवन में अपनाने की आवश्यकता है,उनसे कुछ सीखने की जरुरत है। मनीष जी- इस विषय को ‘मन की बात’ के श्रोताओं के बीच रखने के लिए मैं आपकी सराहना करता हूँ। यह एक ऐसा विषय है जो हमें अपने गौरवपूर्ण अतीत और संस्कृति की ओर देखने के लिए प्रेरित करता है। आज सारा विश्व विशेष रूप से पश्चिम के देश पर्यावरण संरक्षण की चर्चा कर रहे हैंऔर संतुलित जीवनशैली balance life के लिए नए रास्ते ढूंढ रहे हैं। वैसे आज हमारा भारतवर्ष भी इस समस्या से अछूता नहीं है, लेकिन इसके हल के लिए हमें बस अपने भीतर झाँकना है, अपने समृद्ध इतिहास, परंपराओं को देखना है और ख़ासकर अपने जनजातीय समुदायों की जीवनशैली को समझना है। प्रकृति के साथ सामंजस्य बनाकर के रहना हमारे आदिवासी समुदायों की संस्कृति में शामिल रहा है। हमारे आदिवासी भाई-बहन पेड़-पौधों और फूलों की पूजा देवी-देवताओं की तरह करते हैं।मध्य भारत की भील जनजाति में विशेषकर मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में लोग पीपल और अर्जुन जैसे पेड़ों की श्रद्धापूर्वक पूजा करते हैं। राजस्थान जैसी मरुभूमि में बिश्नोई समाज ने पर्यावरण संरक्षण का रास्ता हमें दिखाया है। खासतौर से वृक्षों के संरक्षण के संदर्भ में उन्हें अपने जीवन का त्याग करना मंजूर है लेकिन एक भी पेड़ का नुकसान पहुँचे ये उन्हें स्वीकार नहीं है। अरुणाचल के मिशमी,बाघों के साथ खुद का रिश्ता होने का दावा करते हैं। उन्हें वो अपना भाई-बहन तक मानते हैं। नागालैंड में भी बाघों को वनों के रक्षक के रूप में देखा जाता है। महाराष्ट्र के वार्ली समुदाय के लोग बाघ को अतिथि मानते हैं उनके लिए बाघों की मौजूदगी समृद्धि लाने वाली होती है। मध्य भारत के कोल समुदाय के बीच एक मान्यता है कि उनका खुद का भाग्य बाघों से जुड़ा है, अगर बाघों को निवाला नहीं मिला तो गाँव वालों को भी भूखा रहना पड़ेगा - ऐसी उनकी श्रद्धा है। मध्य भारत की गोंड जनजाति breeding season में केथन नदी के कुछ हिस्सों में मछली पकड़ना बंद कर देते हैं। इन क्षेत्रों को वो मछलियों का आश्रय स्थान मानते हैं इसी प्रथा के चलते उन्हें स्वस्थ और भरपूर मात्रा में मछलियाँ मिलती हैं। आदिवासी समुदाय अपने घरों को natural material से बनाते हैं ये मजबूत होने के साथ-साथ पर्यावरण के अनुकूल भी होते हैं। दक्षिण भारत के नीलगिरी पठार के एकांत क्षेत्रों में एक छोटा घुमन्तु समुदाय तोड़ा, पारंपरिक तौर पर उनकी बस्तियाँ स्थानीय स्थर पर उपलब्ध चीजों से ही बनी होती हैं।

     मेरे प्यारे भाइयो-बहनो ये सच है कि आदिवासी समुदाय बहुत शांतिपूर्ण और आपस में मेलजोल के साथ रहने में विश्वास रखता है, पर जब कोई उनके प्राकृतिक संसाधनों का नुकसान कर रहा हो तो वे अपने अधिकारों के लिए लड़ने से डरते भी नहीं हैं। यह आश्चर्य की बात नहीं है कि हमारे सबसे पहले स्वतंत्र सेनानियों में आदिवासी समुदाय के लोग ही थे। भगवान बिरसा मुंडा को कौन भूल सकता है जिन्होंने अपनी वन्य भूमि की रक्षा के लिए ब्रिटिश शासन के खिलाफ़ कड़ा संघर्ष किया। मैंने जो भी बातें कहीं हैं उनकी सूची काफ़ी लम्बी है आदिवासी समुदाय के ऐसे बहुत से उदाहरण हैं जो हमें सिखाते हैं कि प्रकृति के साथ सामंजस्य बनाकर कैसे रहा जाता है और आज हमारे पास जो जंगलों की सम्पदा बची है, इसके लिए देश हमारे आदिवासियों का ऋणी है। आइये ! हम उनके प्रति आदर भाव व्यक्त करें।

     मेरे प्यारे देशवासियो ‘मन की बात’ में हम उन व्यक्तियों और संस्थाओं के बारें में बाते करते हैं जो समाज के लिए कुछ असाधारण कार्य कर रहेहैं। ऐसे कार्य जो देखने में तो मामूली लगते हैं लेकिन वास्तव में उनका गहरा प्रभाव पड़ता है। हमारी मानसिकता बदलने में, समाज की दिशा बदलने में।कुछ दिन पहले मैं पंजाब के किसान भाई गुरबचन सिंह जी के बारे में पढ़ रहा था। एक सामान्य और परिश्रमी किसान गुरबचन सिंह जी के बेटे का विवाह था।इस विवाह से पहले गुरबचन जी ने दुल्हन के माता-पिता से कहा था कि हम शादी सादगी से करेंगे।बारात हों और चीजें हों, खर्चा कोई ज्यादा करने की जरुरत नहीं है। हमें इसे एक बहुत सादा अवसर ही रखना है, फिर अचानक उन्होंने कहा लेकिन मेरी एक शर्त है और आजकल जब शादी-ब्याह के समय शर्त की बात आती है तो आमतौर पर लगता यही है कि सामने वाला कोई बड़ी माँग करने वाला है। कुछ ऐसी चीजें माँगेगा जो शायद बेटी के परिवारजनों के लिए मुश्किल हो जाएँ, लेकिन आपको जानकर के आश्चर्य होगा ये तो भाई गुरबचन सिंह थे सादे-सीधे किसान, उन्होंने दुल्हन के पिता से जो कहा, जो शर्त रखी, वो हमारे समाज की सच्ची ताकत है।गुरबचन सिंह जी ने उनसे कहा कि आप मुझे वचन दीजिये कि अब आप खेत में पराली नहीं जलायेंगे।आप कल्पना कर सकते हैं कितनी बड़ी सामाजिक ताकत है इसमें।गुरबचन सिंह जी की ये बात लगती तो बहुत मामूली है लेकिन ये बताती है कि उनका व्यक्तित्व कितना विशाल है और हमने देखा है कि हमारे समाज में ऐसे बहुत परिवार होते हैं जो व्यक्तिगत प्रसंग को समाज हित के प्रसंग में परिवर्तित करते हैं। श्रीमान् गुरबचन सिंह जी के परिवार ने वैसी एक मिसाल हमारे सामने दी है। मैंने पंजाब के एक और गाँव कल्लर माजरा के बारे में पढ़ा है जो नाभा के पास है।कल्लर माजरा इसलिए चर्चित हुआ है क्योंकि वहाँ के लोग धान की पराली जलाने की बजाय उसे जोतकर उसी मिट्टी में मिला देते हैं उसके लिए जो technology उपयोग मेंलानी होती है वो जरूर लाते हैं। भाई गुरबचन सिंह जी को बधाई।कल्लरमाजरा और उन सभी जगहों के लोगों को बधाई जो वातावरण को स्वच्छ रखने के लिए अपना श्रेष्ठ प्रयास कर रहें हैं। आप सब स्वस्थ जीवनशैली की भारतीय विरासत को एक सच्चे उत्तराधिकारी के रूप में आगे बढ़ा रहे हैं। जिस तरह बूंद-बूंद से सागर बनता है, उसी तरह छोटी-छोटी जागरुक और सक्रियता और सकारात्मक कार्य हमेशा सकारात्मक माहौल बनाने में बहुत बड़ी भूमिका अदा करता है।

मेरे प्यारे देशवासियो, हमारे ग्रंथों में कहा गया है :-

ॐ द्यौः शान्तिः अन्तरिक्षं शान्तिः,

पृथिवी शान्तिः आपः शान्तिः औषधयः शान्तिः।

वनस्पतयः शान्तिः विश्वेदेवाः शान्तिः  ब्रह्म शान्तिः,

सर्वं शान्तिःशान्तिरेव शान्तिः सामा शान्तिरेधि||

ॐ शान्ति: शान्ति:शान्ति:||

          इसका अर्थ है, हे ईश्वर तीनों लोकों में हर तरफ शांति का वास हो जल में, पृथ्वी में, आकाश में, अंतरिक्ष में, अग्नि में, पवन में, औषधि में, वनस्पति में, उपवन में, अवचेतन में, सम्पूर्ण ब्रह्मांड में शान्ति स्थापित करे। जीवमात्र में, हृदय में, मुझ में, तुझ में, जगत के कण-कण में, हर जगह शान्ति स्थापित करें।

ॐ शान्ति: शान्ति: शान्ति:।|

जब कभी भी विश्व शान्ति की बात होती है तो इसको लेकर भारत का नाम और योगदान स्वर्ण अक्षरों में अंकित दिखेगा। भारत के लिए इस वर्ष 11 नवम्बर का विशेष महत्व है क्योंकि 11 नवम्बर को आज से 100 वर्ष पूर्व प्रथम विश्व युद्ध समाप्त हुआ, उस समाप्ति को 100 साल पूरे हो रहे हैं यानी उस दौरान हुए भारी विनाश और जनहानि की समाप्ति की भी एक सदी पूरी हो जाएगी। भारत के लिए प्रथम विश्व युद्ध एक महत्वपूर्ण घटना थी। सही मायने में कहा जाए तो हमारा उस युद्ध से सीधा कोई लेना-देना नहीं था। इसके बावजूद भी हमारे सैनिक बहादुरी से लड़े और बहुत बड़ी भूमिका निभाई, सर्वोच्य बलिदान दिया। भारतीय सैनिकों ने दुनिया को दिखाया कि जब युद्ध की बात आती है तो वह किसी से पीछे नहीं हैं। हमारे सैनिकों ने दुर्गम क्षेत्रों में, विषम परिस्थितियों में भी अपना शौर्य दिखाया है। इन सबके पीछे एक ही उद्देश्य रहा - शान्ति की पुन: स्थापना।प्रथम विश्व युद्ध में दुनिया ने विनाश का तांडव देखा। अनुमानों के मुताबिक क़रीब 1 करोड़ सैनिक और लगभग इतने ही नागरिकों ने अपनी जान गंवाई। इससे पूरे विश्व ने शान्ति का महत्व क्या होता है - इसको समझा। पिछले 100 वर्षों में शान्ति की परिभाषा बदल गई है। आज शान्ति और सौहार्द का मतलब सिर्फ युद्ध का न होना नहीं है। आतंकवाद से लेकर जलवायु परिवर्तन, आर्थिक विकास से लेकर सामाजिक न्याय, इन सबके लिए वैश्विक सहयोग और समन्वय के साथ काम करने की आवश्यकता है।ग़रीब से ग़रीब व्यक्ति का विकास ही शांति का सच्चा प्रतीक है।

मेरे प्यारे देशवासियो, हमारे North Eastकी बात ही कुछ और है। पूर्वोत्तर का प्राकृतिक सौन्दर्य अनुपम है और यहाँ के लोग अत्यंत प्रतिभाशाली है। हमारा North Eastअब तमाम best deeds के लिए भी जाना जाता है।North East एक ऐसा क्षेत्र है जिसने organic farming में भी बहुत उन्नति की है। कुछ दिन पहले सिक्किम में sustainable food system को प्रोत्साहन देने के लिए प्रतिष्ठित Future Policy Gold Award 2018 जीताहै । यह award सयुंक्तराष्ट्र से जुड़े F.A.O यानी Food and Agriculture Organisation की तरफ से दिया जाता है। आपको यह जानकार प्रसन्नता होगी, इस सेक्टर में best policy making के लिए दिया जाने वाला यह पुरस्कार उस क्षेत्र में Oscar के समान है। यही नहीं हमारे सिक्किम ने 25 देशों की 51 nominated policies को पछाड़कर यह award जीता, इसके लिए मैं सिक्किम के लोगों को बहुत-बहुत बधाई देता हूँ।

मेरे प्यारे देशवासियो,अक्तूबर समाप्ति पर है। मौसम में भी बहुत परिवर्तन अनुभव हो रहा है। अब ठंड के दिन शुरू हो चुके हैं और मौसम बदलने के साथ-साथ त्योहारों काभी मौसम आ गया है। धनतेरस, दीपावली, भैय्या-दूज, छठ एक तरीके से कहा जाए तो नवम्बर का महीना त्योहारों का ही महीना है। आप सभी देशवासियों को इन सभी त्योहारों की ढ़ेर सारी शुभकामनाएँ।

मैं आप सब से आग्रह करूँगा इन त्योहारों में अपना भी ध्यान रखें, अपने स्वास्थ्य का भी ध्यान रखें और समाज के हितों का भी ध्यान रखें। मुझे विश्वास है कि यह त्योहार नए संकल्प का अवसर है। यह त्योहारनए निर्णयों का अवसर है। यह त्योहार एक mission mode में आगे जाने का, दृढ़ संकल्प लेने का आपके जीवन में भी अवसर बन जाए। आपकी प्रगति देश की प्रगति का एक अहम हिस्सा है। आपकी जितनी ज़्यादा प्रगति होगी उतनी ही देश की प्रगति होगी। मेरी आप सबको बहुत-बहुत शुभकामनाएँ। बहुत-बहुत धन्यवाद।

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Thursday, 28 June 2018

स्‍विस बैंक में बढ़ा कालाधन, सुब्रमण्‍यन स्‍वामी ने व‍ित्‍त मंत्रालय के इस अफसर पर बोला हमला

नई दिल्‍ली : पिछले साल स्विस बैंकों में जमा भारतीयों का धन चार साल में पहली बार बढ़कर एक अरब स्विस फैंक (7,000 करोड़ रुपए) के दायरे में पहुंच गया, जो एक साल पहले की तुलना में 50 फीसदी ज्‍यादा है. ये आंकड़े स्विट्जरलैंड के केंद्रीय बैंक के ताजा आंकड़ों से सामने आए हैं. इसके अनुसार भारतीयों द्वारा स्विस बैंक खातों में रखा गया धन 2017 में 50% से अधिक बढ़कर 7000 करोड़ रुपये (1.01 अरब फ्रेंक) हो गया. इन ताजा आंकड़ों के जारी होने के बाद विपक्ष के साथ-साथ सरकार के अपने ही सांसद भी हमलावर हो गए हैं. इनमें पहला नाम है सुब्रमण्‍यन स्‍वामी का.

भाजपा सांसद सुब्रमण्‍यन स्‍वामी ने इस मामले में एक बार फि‍र से वित्‍त मंत्रालय पर निशाना साधा है. उन्‍होंने ट्वीट करते हुए लिखा... वित्त सचिव अढिया के लिए एक बड़ी कामयाबी, एक तरफ पूरी दुनिया का स्विस बैंक में डिपोजिट सिर्फ 3 फीसदी बढ़ा है, तो भारतीयों का 50 फीसदी बढ़ गया है. अढि‍या इससे भी ज्यादा मैनेज कर सकते थे, अगर राजेश्वर (ईडी अफसर) बीच में ना आते.

स्विस नेशनल बैंक (एसएनबी) के सालाना आंकड़ों के अनुसार स्विस बैंक खातों में जमा भारतीय धन 2016 में 45 प्रतिशत घटकर 67.6 करोड़ फ्रेंक ( लगभग 4500 करोड़ रुपये) रह गया. यह राशि 1987 से इस आंकड़े के प्रकाशन की शुरुआत के बाद से सबसे कम थी.

Source:-ZEENEWS

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Friday, 22 June 2018

घर खरीदने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी, NCR में हो रही चंडीगढ़ से 4 गुना बड़ा शहर बसाने की प्‍लानिंग

नई दिल्‍ली: गुड़गांव (गुरुग्राम) के जैसा एक और शहर हरियाणा में बसेगा. यह चंडीगढ़ से लगभग 4 गुना बड़ा होगा लेकिन गुरुग्राम से छोटा होगा. हरियाणा सरकार ने यह योजना बनाई है. यह शहर भी राष्‍ट्रीय राजधानी क्षेत्र का हिस्‍सा होगा. इसे पब्लिक-प्राइवेट साझेदारी (PPP) में विकसित किया जाएगा. हरियाणा स्‍टेट इंडिस्‍ट्रियल एंड इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (HSIIDC) को इस शहर का मास्‍टर प्‍लान तैयार करने के लिए कहा गया है, जिसे पूरा करने में 6 महीने लगेंगे. एचएसआईआईडीसी के प्रबंध निदेशक नरहरी बांगर ने बताया कि मास्‍टर प्‍लान तैयार करने के लिए एक कंसल्‍टेंट नियु‍क्‍त होगा. यह एक वर्ल्‍ड क्‍लास सिटी होगी जहां शिक्षा और स्‍वास्‍थ्‍य समेत सभी मूलभूत सुविधाएं होंगी. हम इसके लिए जमीन का अधिग्रहण नहीं करेंगे. इसे पीपीपी मॉडल के तहत विकसित किया जाएगा.

50 हजार हेक्‍टेयर में फैला होगा शहर
यह शहर चंडीगढ़ से बड़ा लेकिन गुरुग्राम से छोटा होगा. चंडीगढ़ 11,400 हेक्‍टेयर में फैला है जबकि गुरुग्राम 73,200 हेक्‍टेयर में बसा है. इस शहर को दक्षिण नई दिल्‍ली में बसाया जाएगा और इसका क्षेत्रफल 50 हजार हेक्‍टेयर होगा. इं‍डियन एक्‍सप्रेेेस की खबर के अनुसार इसकी बाउंड्री गुरुग्राम-मानेसर के उत्‍तर से लेकर अरावलि हिल्‍स के उत्‍तर पूर्व तक फैली होंगी. इंडियन एक्‍सप्रेस के सूत्रों ने बताया कि एनएच-8 शहर की पश्चिमी सीमा से सटा होगा जबकि पूर्व और दक्षिण में खेत होंगे.

Source:-ZEENEWS

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Tuesday, 19 June 2018

ऑपरेशन ऑल आउट : BJP-PDP गठबंधन टूटते ही बना ली गई 180 आतंकियों की 'हिट लिस्ट'

नई दिल्‍ली : जम्‍मू-कश्‍मीर में काबिज बीजेपी और पीडीपी गठबंधन की सरकार गिरते ही केंद्रीय सुरक्षाबल फुल एक्‍शन में आ गया है. सुरक्षाबलों ने घाटी में सक्रिय आतंकियों की नई हिट लिस्‍ट तैयार की है. इस लिस्‍ट में कुल 180 आतंकियों के नाम शामिल किए गए हैं. जिसमें 107 आतंकी हिजबुल से जुड़े हैं. वहीं इस लिस्‍ट में घाटी में आतंक फैलाने वाले 50 विदेशी आतंकियों के नाम को भी शामिल किया गया है. सुरक्षाबलों को 40 ऐसे नामों के बारे में भी पता चला है, जिन्‍होंने रमजान के महीने के दौरान आतंक का रास्‍ता अख्तियार कर लिया है. सुरक्षाबलों ने अपने नए ऑपरेशन प्‍लान के तहत लिस्‍ट में शामिल 180 आतंकियों की तलाश में व्‍यापक स्‍तर पर सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है. इन आतंकियों को चुन-चुन कर अंजाम तक पहुंचाने के लिए सुरक्षाबलों ने अपनी पूरी ताकत लगाने की योजना तैयार कर ली है. जिसके तहत दक्षिण और उत्‍तरी कश्‍मीर में छिपे आतंकियों को उनके अंजाम तक पहुंचाया जाएगा. सुरक्षाबलों की यह भी कोशिश है कि विदेशी आतंकियों के बहकावे में आकर आतंक का रास्‍ता अख्तियार करने वाले नौजवानों को किसी तरह वापस समाज की मुख्‍य धारा में वापस लाया जाए. वहीं कश्‍मीरी नौजवानों को बरगलाकर हथियार थमाने वाले विदेशी आतंकियों को चुन-चुन कर खत्‍म किया जाए.

बीते पांच महीनों में घाटी से लापता हुए 150 से अधिक नौजवान
सूत्रों के अनुसार जम्‍मू-कश्‍मीर में बीते 5 महीनों में घाटी के विभि‍न्‍न गांवों से करीब 150 से अधिक नौजवान लापता है. आशंका जताई जा रही है कि घाटी से लापता हुए इन नौजवानों ने आतंकियों के बहकावे में आकर आतंक का रास्‍ता अख्तियार नहीं कर लिया है. सुरक्षाबल से जुड़े वरिष्‍ठ अधिकारी के अनुसार घाटी से लापता हुए 150 से अधिक नौजवानों में अब तक सिर्फ 50 से 60 के परिजनों ने गुमशुदगी की रिपोर्ट पुलिस में दर्ज कराई है. वहीं इस बाबत, इंटेलीजेंस का मानना है कि घाटी से लापता हुए युवकों की संख्‍या इससे कहीं अधिक है. घाटी में करीब 90 से 100 के बीच में ऐसे युवक हैं, जिनके लापता होने के बावजूद उनके परिजनों ने उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट पुलिस में दर्ज नहीं कराई है. सुरक्षाबलों को शक है कि लापता युवकों के परिजनों के पता है कि उसके घर के बच्‍चे कहां, किसके साथ और किन परिस्थितियों में हैं. लिहाजा, सुरक्षाबलों इन परिवारों से संपर्क कर भावनात्‍मक तरीके से बच्‍चों की जानकारी निकालने की कोशिश कर रहे हैं.

Source:-ZEENEWS

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Monday, 18 June 2018

लखनऊ: होटल विराट इंटरनेशनल में लगी भीषण आग, 5 लोगों की मौत, 3 घायल

नई दिल्ली/लखनऊ: लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन के पास होटल विराट इंटरनेशनल में मंगलवार (19 जून) की सुबह भयंकर आग लग गई. इस आग में कई पर्यटक फंस गए. जानकारी के मुताबिक, हादसे में आठ लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें गंभीर अवस्था में अस्पताल में भर्ती कराया गया. इलाज के दौरान पांच लोगों ने दम तोड़ दिया है. आग की वजह से होटल पूरी तरह जलकर खाक हो गया है. बताया जा रहा है कि एक धमाके के साथ होटल में आग लगी और देखते ही देखते आग ने पूरे होटल को चपेट में ले लिया. आग की सूचना के बाद दमकल विभाग मौके पर पहुंचा, फिलहाल आग पर काबू पा लिया गया है.

सुबह पांच बजे हुआ हादसा
जानकारी के मुताबिक, हादसा सुबह करीब साढ़े पांच बजे हुआ. एक धमाके के साथ होटल में आग लगी. होटल से धुंआ निकलता देख वहां हड़कंप मच गया. हादसे की सूचना पुलिस और दमकल विभाग की दी गई. कई घंटों की मशक्कत के बाद दमकल की आधा दर्जन गाड़ियों ने आग पर काबू पाया.

शार्ट सर्किट से आग लगने की आशंका
एसएसपी दीपक कुमार ने बताया कि आसपास के लोगों के मुताबिक, सुबह साढ़े पांच बजे होटल से धुआं निकलने लगा. पुलिस को सूचना करीब 6.15 बजे दी गई.  आग की वजह शार्टसर्किट हो सकती है. मामले की जांच की जाएगी. उन्होंने बताया कि पहली नजर में लग रहा है कि बेसमेंट में आग लगी और ऊपर की तरफ बढ़ती चली गई. घटना के बाद से होटल का मैनेजर फरार है.

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Sunday, 17 June 2018

मायावती विपक्षी एकजुटता से अलग क्‍या अकेले चुनाव लड़ने का मन बना रही हैं?

नई दिल्‍ली: 23 मई को कर्नाटक में जेडीएस-कांग्रेस सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में विपक्षी एकजुटता के तहत कई नेता दिखाई दिए. एक तरफ जहां बीएसपी नेता मायावती और सपा नेता अखिलेश यादव एक मंच पर दिखे तो दूसरी तरफ सोनिया गांधी के साथ बसपा सुप्रीमो की अलग ही कैमिस्‍ट्री देखने को मिली. उसके बाद से ही कहा जाने लगा कि 2019 के चुनावों के लिहाज से बीजेपी को रोकने के लिए विपक्षी एकजुटता परवान चढ़ रही है. लेकिन अब इसी साल के अंत में मध्‍य प्रदेश में होने जा रहे विधानसभा चुनाव के मद्देनजर कहा जा रहा है कि वहां कांग्रेस और बीएसपी का गठबंधन नहीं होगा.

मध्‍य प्रदेश में गठबंधन नहीं
मध्य प्रदेश बसपा के प्रदेश अध्यक्ष नर्मदा प्रसाद अहिरवार ने रविवार को कहा कि कांग्रेस मध्य प्रदेश में गठबंधन को लेकर झूठा प्रचार कर रही है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस के इस झूठे प्रचार से उनकी पार्टी को नुकसान हो रहा है. बीएसपी प्रदेश अध्यक्ष ने दावा किया कि प्रदेश में बीएसपी 50 से 55 सीटें जीतेगी. उन्होंने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस नेता जनता के बीच जाकर कह रहे हैं कि आगामी विधानसभा चुनाव के लिए बीएसपी के साथ गठबंधन के लिए कांग्रेस की बातचीत चल रही है. उन्होंने कहा कि मैं स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए गठबंधन के विषय में राज्य स्तर पर हमारी कोई बातचीत नहीं हो रही है. जहां तक मुझे पता है कि केंद्रीय स्तर पर भी कोई बातचीत नहीं हो रही है. अहिरवार का बयान ऐसे वक्‍त आया है जब उससे चंद रोज पहले कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी की इफ्तार पार्टी में बीएसपी के वरिष्‍ठ नेता सतीश चंद्र मिश्रा उपस्थित हुए थे.


2013 के विधानसभा चुनावों में मध्‍य प्रदेश की 230 सीटों में से कांग्रेस और बीएसपी को क्रमश: 36.38% और 6.29% वोट मिले थे. सत्‍ताधारी बीजेपी को 44.88 प्रतिशत वोट मिले थे. इस तरह बीजेपी को 165 सीटें, कांग्रेस को 58, बीएसपी को 4 और निर्दलीयों को तीन सीटों पर कामयाबी मिली थी.

सूत्रों के मुताबिक मध्‍य प्रदेश में कांग्रेस के साथ बीएसपी के गठबंधन नहीं होने का कारण यह माना जा रहा है कि दरअसल बीएसपी इस तरह कांग्रेस के साथ राज्‍यवार गठबंधन के पक्ष में नहीं है. वह जिन राज्‍यों में कमजोर है, वहां भी कांग्रेस के साथ सौदेबाजी कर गठबंधन के तहत चुनाव लड़ना चाहती है. इसका सीधा सा मतलब अधिक सीटों पर कामयाबी हासिल करना है.

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Friday, 15 June 2018

ईद पर कश्‍मीर अशांत, पाकिस्‍तान सुबह से कर रहा गोलाबारी तो पत्‍थरबाज सुरक्षाबलों को बना रहे निशाना, 1 जवान शहीद

नई दिल्‍ली: जम्‍मू-कश्‍मीर में शनिवार को ईद की सिवइयों की मिठास में पाकिस्‍तान ने गोला-बारूद का जहर घोल दिया. भारतीय जवानों को दो ओर से निशाना बनाया गया. शनिवार (16 जून) को सरहद पर पाकिस्‍तान की ओर से गोलाबारी हो रही है तो दूसरी तरफ अनंतनाग में नमाज के बाद प्रदर्शनकारियों ने पुलिस व सीआरपीएफ जवानों पर पत्‍थर फेंके. पत्‍थरबाज ISIS का झंडा लिए हुए थे. अनंतनाग में सुबह 6:45 मिनट पर नमाज खत्‍म होने के बाद ही पत्‍थरबाज सड़कों पर उतर आए और नारेबाजी करने लगे. साथ ही पत्थरबाजी शुरू कर दी. उधर अरनिया सेक्‍टर पर पाकिस्‍तान की ओर से सुबह 4 बजे से ही गोलाबारी चालू है. 1 जवान शहीद हो गया हैैै. इस तनातनी का असर त्‍योहार पर मिठाई के आदान-प्रदान की रस्‍म पर भी पड़ा है. पाकिस्‍तान के बार-बार युद्धविराम उल्‍लंघन के कारण इस बार ईद पर अटारी वाघा बॉर्डर पर बीएसएफ और पाकिस्‍तानी रेंजरों के बीच यह परंपरा नहीं निभाई गई.

आतंकियों ने की जवान औरंगजेब की हत्‍या
आतंकियों ने गुरुवार सुबह सेना के जवान औरंगजेब को अगवा कर लिया था. शाम को उसका गोलियों से छलनी शव पुलवामा से बरामद हुआ. वह ईद मनाने के लिए छुट्टी लेकर अपने घर जा रहे थे. औरंगजेब पुंछ जिले के निवासी थे. शुक्रवार को भारतीय सेना ने शहीद जवान औरंगजेब को श्रद्धांजलि दी. जवान मनवेंद्र सिंह को भी श्रद्धांजलि दी गई, जो बांदीपुरा जिले के पनार जंगलों में जारी एक सैन्य कार्रवाई के दौरान शहीद हो गए थे.

पत्रकार को आतंकियों ने मारी गोली
जम्मू-कश्मीर में गुरुवार को पत्रकार शुजात बुखारी को 3 बाइक सवारों ने गोली मार कर हत्‍या कर दी थी. इस हत्यकांड में 3 आतंकियों का नाम आ रहा है, लेकिन अब एक चौथा संदिग्ध भी सामने आया है. बता दें कि जिस जगह पर शुजात बुखारी को गोली मारी गई थी, वहां का एक वीडियो सामने आया है जिसमें चौथा संदिग्ध दिख रहा है. यही नहीं चौथा संदिग्ध शुजात बुखारी की बॉडी के पास ही खड़ा है और वहां से पिस्टल उठाकर भाग जाता है. श्रीनगर पुलिस ने शुक्रवार दोपहर इस आतंकी की तलाश के लिए उसकी तस्वीर जारी की थी और इसके लिए आम लोगों की भी मदद मांगी थी. जिसके बाद उसकी पहचान जुबैर कादरी के तौर पर हुई है. उस चौथे संदिग्ध को गिरफ्तार कर लिया गया है.

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Thursday, 14 June 2018

14 महीने के हाई लेवल पर पहुंची महंगाई, मोदी सरकार ने जारी किया आंकड़ा

नई दिल्ली : मई में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने से थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित मुद्रास्फीति 14 महीने के उच्चतम स्तर 4.43 प्रतिशत पर पहुंच गई. इस बीच उद्योग जगत ने सरकार से ईंधन की कीमतों पर लगाम लगाने की मांग उठाई है. थोक मुद्रास्फीति अप्रैल महीने में 3.18 प्रतिशत तथा पिछले साल मई महीने में 2.26 प्रतिशत थी. सरकारी आंकड़ों के अनुसार, मई में खाद्य पदार्थों की थोक मुद्रास्फीति अप्रैल के 0.87 प्रतिशत से बढ़कर 1.60 प्रतिशत रही.

आलू के भाव में बेहताशा तेजी
सब्जियों के थोक मूल्य एक साल पहले से 2.51 प्रतिशत ऊपर थे. अप्रैल महीने में सब्जियों के थोक भाव साल भर पहले से 0.89 प्रतिशत नीचे थे. मई ईंधन एवं बिजली श्रेणी में भी मुद्रास्फीति 11.22 प्रतिशत पर पहुंच गई. अप्रैल में यह 7.85 प्रतिशत थी. आलू के भाव अप्रैल में एक साल पहले से 67.94 प्रतिशत ऊंचा चल रहे थे. मई में आलू का भाव एक साल पहले से 81.93 प्रतिशत ऊंचा हो गया.

इस बीच उद्योग संगठन एसोचैम ने सरकार से ईंधन कीमतें नियंत्रित करने की मांग की है. उसने कहा कि पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों से आयात खर्च प्रभावित हो सकता है जिसका विनिमय दर भी असर हो सकता है. एसोचैम के महासचिव डीएस रावत ने कहा, 'इनके अलावा इसका उद्योग जगत की लागत पर भी नकारात्मक असर हो सकता है जिन्हें पहले ही मुनाफे में कमी का सामना करना पड़ रहा है.'

इक्रा की प्रधान अर्थशास्त्री अदिति नायर ने कहा कि थोक मूल्य आधारित मुद्रास्फीति अप्रैल के 3.6 प्रतिशत से तेजी से बढ़कर मई में 4.4 प्रतिशत पर पहुंच गई है तथा 15 उप-श्रेणियों में तेजी आई है. इससे संकेत मिलता है कि लागत बढ़ रही और रुपये की विनिमय दर कमजोर होने का भी असर है.

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Wednesday, 13 June 2018

भारतीय पासपोर्ट पर एक महीने में 3 देशों की यात्रा कर चुका है नीरव मोदी : इंटरपोल

नई दिल्ली : करोड़ों के घोटाले में भगोड़े नीरव मोदी के बारे में इंटरपोल ने नया खुलासा किया है. इंटरपोल की ओर से भारतीय जांच एजेंसियों को बताया है कि इस साल के मार्च में नीरव मोदी ने भारतीय पासपोर्ट पर तीन देशों की चार यात्राएं की हैं. हालांकि विदेश मंत्रालय ने फरवरी में उसका पासपोर्ट रद्द कर दिया था.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय एजेंसियों को 5 जून को जो पत्र इंटरपोल से मिला है, उसके अनुसार, भगोड़े नीरव मोदी ने 15 मार्च से 31 मार्च के बीच भारतीय पासपोर्ट पर अमेरिका, इंग्लैंड और हांगकांग की यात्राएं की हैं. इंटरपोल के अनुसार, उसने इस पासपोर्ट पर चार यात्राएं की हैं.

भारतीय विदेश मंत्रालय ने 24 फरवरी को नीरव मोदी और उसके अंकल मेहुल चौकसी का पासपोर्ट रद्द कर दिया गया था. इसके बावजूद उसने ये यात्राएं की और सरकार को इसकी भनक भी नहीं लगी. इन दोनों के ऊपर पंजाब नेशनल बैंक का 13000 करोड़ से ज्यादा का लोन है. इसे इन्होंने चुकाया नहीं और देश से भाग गए.

नीरव मोदी के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस चाहती है CBI, इंटरपोल को लिखा पत्र

ये मामला तब सामने आया था, जब पंजाब नेशनल बैंक ने इन दोनों के खिलाफ शिकायत दर्ज की थी. लेकिन इन्हें पकड़ा जाए, उससे पहले ही ये दोनों फरार हो गए. अब अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज कर रहे हैं. पासपोर्ट रद्द करने के फैसले को चुनौती दी जा सकती है, लेकिन अभी तक ये पता नहीं चला है कि नीरव मोदी और मेहुल चौकसी ने ऐसा किया है.

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Tuesday, 12 June 2018

US gives nod to sale of six Apache attack helicopters to India

In a move that could be a big boost for India's defensive capabilities, the US State Department on Tuesday approved the sale of six Boeing AH-64E Apache helicopters.

According to a news release from Defense Security Cooperation Agency, the sale of the attack helicopters - as requested by India - would help in strengthening US-Indian strategic relationship and to 'improve the security of an important partner which continues to be an important force for political stability, peace, and economic progress in South Asia.'

While the release highlights that the proposed sale won't alter the basic military balance in South Asia, many feel the attack helicopters could enable Indian armed forces to tackle ground-armoured threats.

Apart from the attack helicopter, the US State Department also approved sale of four AN/APG-78 Fire Control Radars, 180 AGM-114L-3 Hellfire Longbow missiles, 90 AGM-114R-3 Hellfire II missiles, 200  Stinger Block I-92H missiles, Embedded GPS Inertial Navigation Systems, 30mm cannons, transponders, simulators, training equipment etc. The total cost of the deal is said to be around $930 million.

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Monday, 11 June 2018

हॉकी खिलाड़ियों के खाने में मिले कीड़े और बाल, कोच हरेन्द्र सिंह ने की शिकायत

नई दिल्ली: एक तरफ खेल मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ खेलों को बढ़ावा देने और उनकी दशा को सुधारने की बात कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ देश के राष्ट्रीय खेल हॉकी के खिलाड़ियों को अच्छा खाना भी नसीब नहीं हो पा रहा है. जी हां, भारत की हॉकी टीम के खिलाड़ियों को नेशनल कैंप में बेहद खराब क्वॉलिटी का खाना परोसा जा रहा है, जिससे नाराज होकर कोच हरेंद्र सिंह ने इसकी शिकायत की है. दरअसल, भारत की सीनियर पुरुष हॉकी टीम के प्रमुख कोच हरेन्द्र सिंह ने बेंगलुरू में भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) में चल रहे शिविर में परोसे जाने वाले घटिया खाने की शिकायत 9 जून को हॉकी इंडिया से की थी.

हरेंद्र सिंह ने साई में चल रहे शिविर के दौरान परोसे जाने वाले खाने की शिकायत की थी. कोच हरेंद्र सिंह का कहना है कि साई में मिलने वाला खाना बेहद खराब क्वॉलिटी का है और हाइजीन का भी कोई ध्यान नहीं रखा जा रहा है. उन्होंने कहा कि खाने में कीड़े और बाल भी पाए गए थे. उन्होंने कहा कि, हॉकी खिलाड़ियों के लिए नॉनवेज भी खाने में मौजूद नहीं है.

हरेन्द्र सिंह ने जो पत्र लिखकर शिकायत की थी, उसमें लिखा था- 'साई के बेंगलुरू स्थित केंद्र में खिलाडिय़ों को परोसे जाने वाला खाना बेहद घटिया है. खाने में ज्यादा तेल और वसा का इस्तेमाल किया जाता है. साफ-सफाई का भी कोई ध्यान नहीं दिया जाता है. खाना पौष्टिक हो इसका भी कोई ध्यान नहीं दिया जाता है.'

हरेंद्र सिंह ने यह भी लिखा था कि, 'गोल्ड कोस्ट राष्ट्रमंडल खेलों से पहले खेल मंत्री राज्यवर्धन राठौड़ ने भी साई सेंटर का दौरा कर 48 घंटे में सब व्यवस्था दुरुस्त करने की बात कही थी, लेकिन इसका भी कोई असर हीं हुआ. हम चैंपियंस ट्रॉफी, एशियाई खेलों और पुरुष हॉकी विश्व कप की तैयारी में जुटे हैं. इनमें अच्छे प्रदर्शन के लिए खिलाडिय़ों के लिए बढ़िया और पौष्टिक खाना जरूरी है.'

अब कोच हरेंद्र सिंह की इस शिकायत को भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) के अध्यक्ष डॉ. नरिंदर बत्रा ने गंभीरता से लिया है. उन्होंने साई की डीजी नीलम कपूर इस शिकायत के बारे में बताया है. साथ ही  उन्होंने इस पत्र की प्रति खेल मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़, खेल सचिव राजीव भटनागर को भी भेजी है. उन्होंने साई से कहा कि वह खिलाड़ियों के खाने की क्वॉलिटी और पौषकता का पूरा ध्यान रखें.

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Sunday, 10 June 2018

अगले 72 घंटे तबाही मचाएगा तूफान, 16 राज्यों में बिजली कड़कने के साथ भारी बारिश की चेतावनी

नई दिल्ली: मॉनसून तेजी से देश में सक्रिय हो रहा है. महाराष्ट्र से आगे बढ़कर मॉनसून अब छत्तीसगढ़, बिहार की तरफ बढ़ रहा है. लेकिन, इससे पहले ही मौसम विभाग ने चेतावनी जारी कर दी है. अगले 72 घंटे देश के 16 राज्यों पर भारी हैं. यहां भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है. मौसम विभाग ने इन राज्यों के लिए लाल चेतावनी जारी की है. लाल चेतावनी का मतलब है कि यहां आंधी-तूफान के साथ बारिश भारी तबाही मचा सकती है. वहीं, मौसम विभाग ने दूसरे इलाकों के लिए भी ऑरेंज चेतावनी जारी की है.

भारी तबाही की आशंका
मौसम विभाग ने आशंका जताई है कि अगले 72 घंटों में दिल्ली-एनसीआर समेत, चंड़ीगढ़ और उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में बिजली कड़कने के साथ तूफान आ सकता है. तूफान आने से भारी तबाही हो सकती है. वहीं, कुछ इलाकों में धूल भरी आंधी भी लोगों को परेशान कर सकती है. मौसम विभाग ने तटीय इलाकों के आसपास रहने वालों को सतर्क रहने के लिए कहा है. वहीं, किसी भी नदी या समुद्र के आसपास नहीं जाने की सलाह दी गई है.


किन राज्यों के लिए है अलर्ट
मौसम विभाग के मुताबिक, दिल्ली-एनसीआर से सटे इलाके के लिए अगले 24 घंटों बेहद अहम हैं. हरियाणा, चंडीगढ़, उत्तर प्रदेश, पूर्वी राजस्थान में तेज आंधी-तूफान आने की संभावना है. वहीं, मध्‍य प्रदेश, छत्तीसगढ़, विदर्भ, वेस्ट बंगाल, सिक्किम, ओडीशा, बिहार, झारखंड, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में आंधी-तूफान के साथ बिजली कड़कने की चेतावनी जारी की गई है. बता दें कि पिछले कुछ दिनों में तूफान से भारी नुकसान हुआ था. कई इलाकों में लोगों को जानमाल का भी नुकसान हुआ था.


तूफान ने छीन ली 400 जिंदगी
पिछले एक महीने में खराब मौसम के चलते भारी नुकसान हुआ है. इस दौरान हादसों के चलते 400 से ज्यादा लोग अपनी जान गवां चुके हैं. सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और राजस्थान हैं. यहां सबसे ज्यादा संख्या में लोगों ने तूफान और बिजली गिरने की वजह से जान गंवाई है. अगले 24 घंटों में कर्नाटक के समुद्री इलाकों, गोवा, साउथ कोंकेड़, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, महाराष्‍ट्र, केरल, तमिलनाड़, पुड्डुचेरी और आंध्र प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट है.

11 जून के लिए अलर्ट
मौसम विभाग के मुताबिक, कर्नाटक के तटीय इलाके, गोवा, कोंकण, ओडिशा, केरल, असम, नागालैंड, मणिपुर, त्रिपुरा, मिजोरम और मेघालय में 11 जून को भारी से भारी बारिश का अलर्ट है. IMD के मुताबिक, तटीय इलाकों पर 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. वहीं, उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड में तेज धूल भरी आंधी चलने के साथ ही बिजली कड़कने का अनुमान है.

12 जून के लिए अलर्ट
मौसम विभाग के मुताबिक, 12 जून को पश्चिम बंगाल, झारखंड, आंध्र प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भारी से भारी बारिश होने का अनुमान है. इसके अलावा कर्नाटक के तटीय इलाके, गोवा, कोंकण, ओडिशा, केरल, असम, नागालैंड, मणिपुर, त्रिपुरा, मिजोरम और मेघालय में 12 जून को भी भारी बारिश होने का अनुमान है.

13 जून के लिए अलर्ट
मौसम विभाग के मुताबिक, 13 जून को कर्नाटक, गोवा, कोंकण, अरुणांचल प्रदेश, ओडिशा, केरल, असम, नागालैंड, मणिपुर, त्रिपुरा, मिजोरम और मेघालय में भारी बारिश की चेतावनी है. मौसम विभाग का अनुमान है कि 15 जून तक मॉनसून गुजरात, मध्‍य प्रदेश और उत्तर प्रदेश तक दस्तक दे देगा. 10 से 15 जून के बीच अहमदाबाद, सूरत, नागपुर, नासिक, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, रांची, गया, पटना, धनबाद, रांची, दरभंगा, गया, गोरखपुर, छपरा, कोरबा आदि शहरों में तेज बारिश का अनुमान है.

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Friday, 8 June 2018

मप्र: कांग्रेस के 60 लाख फर्जी वोटर्स के दावे को चुनाव आयोग ने किया खारिज, नहीं मिले सबूत

ग्‍वालियर: मध्यप्रदेश के वोटर लिस्ट में 60 लाख फर्जी वोटरों की शिकायत को चुनाव आयोग ने खारिज कर दिया है. कांग्रेस ने पिछले रविवार फर्जी वोटर्स को लेकर चुनाव आयोग से जांच की मांग की थी. जांच के बाद आयोग ने कहा कि आरोपों में दम नहीं है, वोटरों की संख्या में वृद्धि सामान्य है, तस्वीर रिपीट होने से जुड़ी गलतियों को ठीक किया जा रहा है. जांच के बाद कमेटी ने कांग्रेस के दावे को खारिज कर दिया है.

वहीं चुनाव आयोग के कांग्रेस की शिकायत खारिज करने के बाद बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह ने कहा है कि कांग्रेस फर्जी शिकायत करती है. उसके पास मुद्दे नहीं है. हार का ढीकरा फोड़ने के लिये चेहरे ढूंढ रही है. पार्टी मामले में संज्ञान लेगी. कानून अपना काम करेगा.


बता दें कि पिछले रविवार कांग्रेस ने आरोप लगाते हुए कहा था कि मध्यप्रदेश में वोटर लिस्ट के साथ छेड़छाड़ की गई है और दावा किया था कि प्रदेश में करीब 60 लाख वोटर फर्जी हैं. फर्जी मतदाताओं के आरोपों को साबित करने के लिए कांग्रेस मतदाताओं की सूची लेकर चुनाव आयोग के पास पहुंची थी. पार्टी का दावा था कि मध्यप्रदेश में 24 प्रतिशत आबादी बढ़ी है, लेकिन वोटरों की संख्या में 40 प्रतिशत बढ़ोत्तरी हुई है. जिससे पता चलता है कि मतदाता सूची के साथ छेड़छाड़ की गई है.

60 लाख से अधिक फर्जी वोटर होने का दावा फेल
बता दें कांग्रेस ने प्रेस कांफ्रेस कर फर्जी मतदाता होने का दावा करते हुए सबूत पेश किए थे. मध्यप्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया ने दिल्ली में प्रेस कांफ्रेस कर इस बारे में चर्चा करते हुए कहा था कि जब मध्यप्रदेश की आबादी में 24 प्रतिशत का इजाफा हुआ है तो वोटर की संख्या 40 प्रतिशत कैसे बढ़ सकती है. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने कहा था कि हमने 100 विधानसभा क्षेत्रों में छानबीन की जिसमें हमे 60 लाख से अधिक फर्जी वोटर मिले. कमलनाथ ने आरोप लगाते हुए कहा था कि वोटर लिस्ट में ऐसे कई नाम हैं जो उत्तर प्रदेश की वोटर लिस्ट में भी है.


फर्जी मतदाताओं की लंबी लिस्ट
गौरतलब है कि मध्य प्रदेश के शिवपुरी की पांच विधानसभा सीटों में 59,517 वोटर फर्जी पाए गए थे. इनमें 20,886 मतदाता ऐसे हैं, जिनकी सालों पहले मृत्यु हो चुकी है. इसके बावजूद भी उनके नाम अभी तक सूची में जुड़े हुए हैं. इसके अलावा सूची में 28,067 मतदाता ऐसे हैं, जो दूसरी जगह चले गए. इनके नाम भी सूची में हैं. जिले में नहीं रहने वाले मतदाताओं की संख्या 5,633 और एक से ज्यादा स्थानों पर 5,031 मतदाताओं के नाम पाए गए हैं. गौरतलब है कि कोलारस विधानसभा उपचुनाव के दौरान भी यह बात सामने आई थी कि 5537 मृत मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में पाए गए थे.

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Thursday, 7 June 2018

मुंबई में हुई भारी बारिश, कई जगह पर हुआ जलभराव, फ्लाइट भी की गई डायवर्ट

मुंबई: गुरुवार दोपहर मुंबई में एक बार फिर भारी बारिश ने भीगो दिया. जानकारी के मुताबिक हवा के साथ आई तेज बारिश के चलते कई जगहों पर जलभराव की स्थिति भी बन आई थी. अनुमान था कि मुंबई की बारिश जल्दी रुकने वाली नहीं है लेकिन थोड़ी देर बाद ही वह रुक गई. ताजा जानकारी के मुताबिक हिंदमाता, लोअर परेल, दादर, परेल, सायन जैसे सभी इलाको में बारिश रुक गई है. अभी यह सिर्फ मानसून का पहला दिन है लेकिन कुछ जगहों पर वाटर लॉगिंग तक दिखना शुरू हो चुके हैं. मुंबई के कुर्ला इलाके में हर साल पानी भराव की समस्या देखने को मिलती है. इस साल तो मानसून के पहले दिन में ही ऐसा नजारा देखने को मिल रहा है. आपको बता दें कि मौसम विभाग ने 9, 10 और 11 जून को भारी वर्षा की चेतावनी भी जारी कर रखी है.

मौसम विभाग ने बताया प्री मानसून बारिश
हालांकि जी मीडिया ने जब इस बारिश के बारे में मौसम विभाग के अधिकारियों से बातचीत की तो उन्होंने कहा कि मुंबई में हो रही बारिश अभी तक प्री मानसून बारिश ही है. मौसम विभाग का कहना है कि अगले 48 घंटों में मानसून पूरी तरह से मुंबई पहुंच जाएगा. अभी मानसून गोवा में बताया जा रहा है. ऐसे में यह कहा जा सकता है कि कल देर रात तक मानसून पूरी तरह से मुंबई में होगा. इसके साथ ही मौसम विभाग, बीएमसी और दूसरी सरकारी एंजसियों की तरफ से ये चेतावनी पहले ही जारी की जा चुकी है कि आने वाली 9 से 11 तरीख तक मुंबई में भारी बारिश हो सकती है.

यहां हुआ जलभराव, सड़कों पर बही 'गंगा-यमुना'
मुंबई में प्री-मानसून बारिश ने लोगों को भिगो दिया तो साथ ही साथ सड़कों पर कुछ देरी के लिए गंगा-यमुना बहनी शुरू हो गई. हालात ये थे कि बारिश के कारण मुंबई के सायन रोड़, दादर टीटी और हिन्द माता इलाके में पानी भर गया. हिंद माता में तो गाडियां पानी में डूबी नजर आईं.

बारिश ने डायवर्ट करवाई फ्लाइट
जानकारी के मुताबिक मुंबई में हुई भारी बारिश की वजह से एहतियातन एक इंटरनेशनल उड़ान को मुंबई से अहमदाबाद के लिए डायवर्ट कर दिया गया. जानकारी के मुताबिक जेट एयरवेट की फ्लाइट (9W-117) जो कि लंदन से मुंबई आ रही थी को अहमदाबाद भेज दिया गया है. अहमदाबाद में इसके दोपहर एक बजे के आसपास लैंड होने की उम्मीद जताई जा रही है.

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Tuesday, 5 June 2018

गुजरात में वायुसेना का फाइटर जगुआर प्लेन क्रैश, पायलट की मौत

कच्छ: गुजरात के जामनगर से रूटीन उड़ान भरने के बाद एक जगुआर फाइटर प्लेन कच्छ के आसपास क्रैश हो गया. यह हादसा कच्छ के मुंद्रा के पास बरेजा गांव के नजदीक हुआ है. बताया जा रहा है कि यह प्लेन वायुसेना का है. स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंच चुकी है. इस हादसे में पायलट, कोमोडर संजय चौहान शहीद हो गए. विमान का मलबा कई किलोमीटर इलाके में फैल गया है. विमान के मलबे से कई मवेशियों के मारे जाने की भी खबर है. हादसे को लेकर कोर्ट ऑफ इंक्वायरी के आदेश दिए गए हैं.

हादसा इतना भयंकर था कि प्लेन के टुकड़े टुकड़े हो गए. जामनगर एयरफोर्स की टीम भी मौके के लिए रवाना हो चुकी है. कहा जा रहा है कि मुद्रा के आसपास प्लेन का संपर्क टूट गया, जिसके बाद यह हादसा हुआ है. अचानक से हादसे की वजह को लेकर भी फिलहाल, कोई जानकारी नहीं है. कच्छ के इंस्पेक्टर जनरल (IG) ने प्लेन क्रैश का बात कही है

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Monday, 4 June 2018

चाहें कुछ भी कर लें नीतीश कुमार, BJP का दामन छूटना मुश्किल है

बिहार में जदयू के अगले लोकसभा चुनावों में 25 सीटों पर लड़ने और बाकी 15 सीटें सहयोगी बीजेपी के लिए छोड़ने की घोषणा के बाद पटना में गर्मी की तपिश के साथ सियासी पारे का तापमान भी अचानक कई गुना बढ़ गया है. ऐसा इसलिए क्‍योंकि सूत्रों के हवाले से माना जा रहा है कि बीजेपी को भरोसे में लिए बिना मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी ने इस तरह की एकतरफा घोषणा कर दी है, जबकि सात जून को एनडीए के सभी घटक दलों की बैठक पटना में होने वाली है. राजनीतिक विश्‍लेषक नीतीश कुमार के इस कदम को बीजेपी के साथ उनकी बढ़ती दूरी के रूप में देख रहे हैं.

सियासी जानकार यह भी कह रहे हैं कि हाल में अररिया लोकसभा और उसके बाद जोकीहाट विधानसभा सीट हारने के बावजूद अचानक जदयू ने अपनी तरफ से बीजेपी के लिए इस तरह की सीट-शेयरिंग फॉर्मूले के दांव को क्‍यों चल दिया? इसका कारण यह बताया जा रहा है कि जदयू यह कतई नहीं चाहती कि 2019 के आम चुनावों में बीजेपी की सहयोगी के रूप में दिखे. इसलिए उसने पहले ही बिहार में 'बड़े भाई' बनने का दावा करते हुए ऐसा ऐलान कर दिया.

उसकी एक बड़ी वजह यह भी बताई जाती है कि बीजेपी के नेतृत्‍व में एनडीए को 2014 में बिहार की 40 में से 31 सीटें मिली थीं. जदयू को केवल दो सीटें मिली थीं. इसलिए जदयू के अंदर पहले से ही इस बात की बेचैनी थी कि आखिर इस बार सीट-शेयरिंग फॉर्मूला क्‍या होगा? हालिया उपचुनावों में हार के बाद जदयू खेमे में यह चिंता और भी बढ़ गई थी क्‍योंकि इस बार उनकी सीटों की सौदेबाजी बीजेपी अध्‍यक्ष अमित शाह के साथ होनी है. लिहाजा दबाव की रणनीति के तहत जदयू ने 'बड़े भाई' की भूमिका वाला दांव चला है. इसी से बात निकली है कि यदि जदयू अपने रुख पर सख्‍त हुई तो क्‍या बीजेपी का दामन छोड़ सकती है?

Source:-ZEENEWS

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Friday, 1 June 2018

मध्य प्रदेश चुनाव : कांग्रेस और बीएसपी के बीच अंदर ही अंदर ही बातचीत शुरू

भोपाल: मध्य प्रदेशमें इस साल के आखिरी में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस अब बीएसपी के साथ गठबंधन को लेकर जुगत भिड़ा रही है. दोनों के बीच बातचीत का सिलसिला भी शुरू हो गया है और संभावना जताई जा रही है कि विधानसभा चुनाव कांग्रेस-बीएसपी साथ मिलकर लड़ेगी. दरअअसल इस साल होने वाले विधानसभा चुनावों को 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले सेमीफाइनल के तौर पर देखा जा रहा है. कांग्रेस को अभी तक छोटी पार्टियों के बीच हमेशा दबंग की छवि की तौर पर देखा जा रहा है. लेकिन अब राष्ट्रीय राजनीति में उसको खुद की भूमिका बदलने के लिये मजबूर होना पड़ा है. कर्नाटक इसका सबसे बड़ा उदाहरण रहा है. जहां पहले तो उसने जेडीएस को समर्थन देकर उसकी सरकार बनवाई फिर वित्त मंत्रालय के झगड़े को खत्म करते हुये उसे भी जेडीएस को ही सौंप दिया.

मध्य प्रदेश में कांग्रेस को लगता है कि इस बार शिवराज सिंह चौहान इस बार सत्ता विरोधी लहर का सामना कर रहे हैं और कुछ वोटों का प्रतिशत ही उनको सत्ता से बाहर कर देगा, अगर विपक्ष कोई बड़ी गलती नहीं करता है. एनडीटीवी के सूत्रों के मुताबिक बीएसपी भी कांग्रेस के साथ मध्य प्रदेश में ही नहीं राजस्थान और छत्तीसगढ़ में गठबंधन करने के मूड में दिखाई दे रही है. बीएएसपी का छत्तीसगढ़ में 5 और राजस्थान में 4 फीसदी वोटबैंक रहा है. कांग्रेस तो अब सिर्फ सीटों पर ही नहीं बल्कि उन सीटों पर भी समझौता करने को राजी है जहां पर सहयोगी दल का उम्मीदवार जीतने की स्थिति में है.

Source:-NDTV

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Thursday, 31 May 2018

कैराना में विपक्ष ने बनाया था ये 'खास प्‍लान', जिसके चलते यहां फेल हो गई भाजपा

नई दिल्ली : चार लोकसभा सीटों के लिए हुए उपचुनावों में भले भाजपा और उसके सहयोगी दल ने दो सीटें अपने नाम कर ली हों, लेकिन यूपी के कैराना में मिली हार उसके लिए किसी गहरे जख्म से कम नहीं है. ये सीट भाजपा के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न थी. इसलिए सभी की नजरें बाकी सभी जगह की मुकाबले कैराना पर ज्यादा थीं. यहां एक तरफ भाजपा की उम्मीदवार मृगांका सिंह थीं, दूसरी तरफ पूरे विपक्ष ने राष्ट्रीय लोकदल की तबस्सुम हसन पर दांव लगाया था. ये पहले से तय था कि हुकुम सिंह के निधन से खाली हुई कैराना सीट भाजपा के लिए इस बार आसान नहीं होगी. हुआ भी वही, यहां से विपक्ष की उम्मीदवार तबस्सुम हसन को जीत मिली.

इस जीत ने विपक्ष को एक बार फिर से भाजपा के खिलाफ लामबंद होने का बड़ा कारण दे दिया है. उत्तर प्रदेश जैसे राज्य में जहां जातियों का गठजोड़ बहुत अहम होता है, वहां आने वाले चुनाव भाजपा के लिए आसान नहीं होने वाले. कैराना में विपक्ष ने जातियों के गठजोड़ को बहुत आसानी से अपनी ओर कर लिया. वहीं भाजपा सत्ता में होने के बावजूद इस मैनेजमेंट में फेल हो गई. इस चुनाव में तीन जातियां सबसे अहम थीं. जाट, मुस्लिम और दलित. विपक्ष ने सधी रणनीति के दम पर इन्हें साध लिया.

विपक्ष ने ऐसे साधा जाटोंं, मुस्लिमों और दलितों को
1. कैराना में जाट और मुस्लिम समुदाय हमेशा से राष्ट्रीय लोकदल के साथ रहे. लेकिन पिछले चुनावों में जाट छिटककर भाजपा के साथ हो गए. मुस्लिम वोटर भले भाजपा के साथ न हों लेकिन जाट और दूसरी जातियों के वोट पाकर भाजपा यहां जीत गई. इस चुनावों में अजित सिंह और उनके बेटे जयंत चौधरी जाटों को फिर से अपनी ओर करने में कामयाब रहे. यही कारण रहा कि जाट बहुल गांवों के साथ दंगा प्रभावित गांवों में भी जाट वोटर भाजपा के मुकाबले रालोद के साथ खड़े नजर आए.

2. चौधरी अजित सिंह और उनके बेटे जयंत का गांव-गांव और घर घर जाना भी टर्निंग प्वाइंट रहा. उन्होंने अपने सीधे संपर्क से एक बार फिर से लोगों को अपने पाले में करने कामयाबी पाई. इसके अलावा उन्होंने गन्ने के मुद्दे को छुआ, जो पहले ही यहां बड़ा मुद्दा बना हुआ था. यहां तक कि यहां पर मुजफ्फरनगर दंगों के दौरान तबस्सुम हसन के बेटे नाहिद हसन के बयानों को भी भाजपा ने याद दिलाया, लेकिन वह दांव भी काम नहीं किया.

3. आमतौर पर दलित भी भाजपा को कम वोट देते हैं, लेकिन 2014 के चुनावों में भाजपा ने दलित वोटों का बड़ा हिस्सा अपने पाले में किया था. लेकिन इन चुनावों में दलितों की नाराजगी भी उसे उठानी पड़ी. सहारनपुर के शब्बीरपुर कांड और 2 अप्रैल को आरक्षण आंदोलन में दलितों के खिलाफ दर्ज मुकद्मों से भी इस वर्ग में रोष था. बसपा के उम्मीदवार के न होने से दलित वोट तबस्सुम हसन के खाते में गए.

Source:-Zeenews

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यूपी और बिहार को छोड़कर सब जगह सत्ताधारी पार्टियों का जलवा बरकरार

नई दिल्ली: देश में चार लोकसभा सीटों और 10 राज्यों की 11 विधानसभा सीटों के अंतिम रुझान दिखाते हैं कि अगर उत्तर प्रदेश और बिहार को छोड़ दें तो बाकी राज्यों में उपचुनाव राज्य में सत्ताधारी पार्टी के हक में ही गए हैं. उत्तर प्रदेश में कैराना लोकसभा और नूरपुर विधानसभा सीट के लिए उपचुनाव में नतीजे सत्ताधारी बीजेपी के खिलाफ गए हैं. कैराना में राष्ट्रीय लोक दल प्रत्याशी तबस्सुम हसन ने बीजेपी प्रत्याशी मृगांका सिंह को बड़े अंतर से हराते दिख रही हैं. इसी तरह नूरपुर में समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी ने बीजेपी प्रत्याशी को बड़े अंतर से पीछे कर दिया. विपक्ष ने ये दोनों सीटें बीजेपी से छीनता दिख रहा है. यूपी में सारे विपक्ष के एक साथ आने के बाद बीजेपी के लिए यह दूसरा बड़ा झटका होगा.

महाराष्ट्र में दो लोकसभा सीटों भंडारा-गोंदिया और पालघर के लिए उपचुनाव हुआ. ये दोनों सीटें पहले बीजेपी की पास थीं. भंडारा-गोंदिया सीट बीजेपी सांसद के इस्तीफे तो पालघर सीट बीजेपी सांसद की मृत्यु के कारण खाली हुई थी. अंतिम रुझान मिलने तक दोनों सीटों पर सत्ताधारी बीजेपी आगे थी. हालांकि भंडारा-गोंदिया में कांटे की टक्कर है.

झारखंड में दो विधानसभा सीटों गोमिया और सिल्ली के लिए उपचुनाव हो रहा है. यह दोनों सीटें झारखंड मुक्ति मोर्चा के पास थीं. कानूनी मामलों में फंसने के कारण इन दोनों सीटों के विधायकों को अयोग्य घोषित कर दिया गया था. उपचुनाव में सत्ताधारी बीजेपी गोमिया सीट जेएमएम से छीनती दिख रही है, जबकि सिल्ली पर जेएमएम का कब्जा बरकरार रह सकता है.

पंजाब की शाहकोट विधानसभा सीट अकाली दल के विधायक के निधन के बाद खाली हो गई थी. उपचुनाव में सत्ताधारी कांग्रेस यह सीट अकाली दल से छीनती नजर आ रही है.

केरल की चेनग्नूर विधानसभा सीट सत्ताधारी लेफ्टफ्रंट की प्रमुख पार्टी सीपीएम के पास थी. विधायक के निधन के कारण खाली हुई इस सीट पर सत्ताधारी पार्टी कब्जा बरकरार रखने की ओर है.

कर्नाटक की राजराजेश्वरीनगर विधानसभा सीट पर कर्नाटक विधानसभा चुनाव के समय मतदान नहीं हुआ था. इस पर अब हुए मतदान में सत्ताधारी कांग्रेस पार्टी  जीत के करीब है.

पश्चिम बंगाल की महेशताला विधानसभा सीट सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस के पास थी. पार्टी विधायक के निधन के कारण खाली हुई इस सीट पर टीएमसी ने अपना कब्जा बरकरार रखा है.

नगालैंड राज्य की इकलौती नगालैंड लोकसभा सीट पर उपचुनाव यहां के सांसद निफ्यू रिओ के मुख्यमंत्री बनने के बाद जरूरी हुआ. इस सीट से सत्ताधारी नेशनल डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी (एनडीपीपी) और कांग्रेस समर्थित एनपीएफ के बीच कांटे की टक्कर है.

Source:-Zeenews

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Friday, 25 May 2018

भारत को दहलाने की आतंकी साजिश नाकाम, सुरक्षाबलों ने बरामद की ये खास हाईटेक सीढ़ी

खालिद हुसैन, श्रीनगर: भारत में आतंकियों के घुसपैठ की एक बड़ी साजिश को सुरक्षाबलों ने नाकाम कर दिया है. जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा के केरन सेक्टर में गुरुवार को घुसपैठ की कोशिश कर रहे आतंकियों पर सुरक्षाबलों ने हमला कर दिया. हमले के बाद आतंकी भाग गए लेकिन उनका सामान वहीं छूट गया. सुरक्षाबलों ने सारा सामान जब्त कर लिया है. बरामद हुए सामान में खाने-पीने के सामान से लेकर गोला-बारूद शामिल है. सामान में एक फोल्ड होने वाली सीढ़ी भी मिली है. इस सीढ़ी का एक वीडियो जारी किया गया है. 

सुरक्षाबलों द्वारा बरामद किए गए सामान में भारी मात्रा में गोलियां और मैग्जीन मिले हैं. इसके अलावा खाने का सानान, रोटियां, बिस्कुट, ज्यूस, पानी की बोतलें, चिप्स, कपड़े, दाढ़ी बनाने का सामान, बैग, दूरबीन, वॉकी टॉकी, मोबाइल कनेक्टर, बेंत की लाठी आदि सामान मिले हैं.   

शेयर किए गए सीढ़ी के वीडियो में सुरक्षाबलों ने सीढ़ी को फोल्ड करते हुए दिखाया है. वीडियो में दिखाए अनुसार सीढ़ी पूरी फोल्ड हो जाए तो इतनी छोटी हो जाती है कि उसे बैग में भी रखा जा सकता है. जानकारी के मुताबिक, आतंकी इस सीढ़ी का इस्तेमाल छोटी पहाड़ियों को तेजी से पार करने के लिए करते हैं. 

बरामद हुई सीढ़ी की लंबाई कम से कम 15-20 फुटी उंची होगी. कम वजन, मजबूती, ले जाने में आसान और फोल्डेबल होने के कारण इन सीढ़ियों का इस्तेमाल घुसपैठ के दौरान आसानी से किया जा सकता है.

कल (गुरुवार को) आतंकियों द्वारा घुसपैठ की कोशिश के दौरान सेना ने उनपर हमला कर दिया. ऐसे में आतंकी वहां से भाग गए लेकिन उनका सामान छूट गया. आपको बता दें कि पिछले दिनों पठानकोट में कुछ संदिग्धों को देखा गया था. इसके बाद से ही पठानकोट के आस-पास सुरक्षा बढ़ा दी गई थी और हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया था.   

Source:-Zeenews

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Wednesday, 23 May 2018

डेवलपर ने दिया है धोखा तो मोदी सरकार लौटाएगी आपके चेहरे की मुस्कान

नई दिल्ली : फ्लैट की बुकिंग कराने और कई साल तक किश्तों का भुगतान करने के बाद भी अगर आपको फ्लैट का पजेशन नहीं मिला है तो यह खबर आपके लिए है. इस खबर को पढ़कर आपको राहत जरूर मिलेगी. सरकार ने आशियाने की बुकिंग कराने वाले हजारों खरीदारों को नुकसान से बचाने के लिए 16 महीने पुराने इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (आईबीसी) में संशोधन के लिए बुधवार को अध्यादेश लाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. इसके तहत बिल्डर कंपनी अगर दिवालिया होती है तो खरीदार का पूरा पैसा नहीं डूबेगा.

14 सदस्यीय समिति ने दिया सुझाव
प्रस्तावित अध्यादेश में फ्लैट बायर्स को बैंकों की तरह ही 'वित्तीय कर्जदाता' माना गया है. ऐसे में बिल्डर के दिवालिया होने पर नीलाम होने वाली उसकी प्रॉपर्टी में बायर को भी हिस्सा मिलेगा. आईबीसी कानून में संशोधन का प्रस्ताव नई धारा 29A को जोड़ने के एक महीने बाद आया है. पिछले साल नवंबर में आईबीसी में संभावित बोलीदाताओं की अयोग्यता को लेकर नए मानदंड जोड़े गए थे. यह संशोधन सरकार की तरफ से इस संबंध में सिफारिशें देने के लिये गठित 14 सदस्यीय समिति की सिफारिशों पर आधारित है.

सुप्रीम कोर्ट में दी थी याचिका
मौजूदा नियम के अनुसार फ्लैट खरीदने वालों को बिल्डर की कंपनी में हिस्सेदार नहीं माना जाता. ऐसे में बिल्डर के दिवालिया होने पर उसकी प्रॉपर्टी के नीलाम होने पर बैंकों और अन्य कर्जदारों का हक होता है. पिछले दिनों जेपी ग्रुप और आम्रपाली बिल्डर के खिलाफ दिवालिया प्रक्रिया शुरू होने पर यह समस्या सामने आई थी. कुछ खरीदारों ने इसको लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है. आईबीसी में संशोधन वाले प्रस्तावित विधेयक को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद जैसे ही मंजूरी देंगे दिवाला प्रक्रिया का सामना कर रहे जेपी इंफ्राटेक जैसी कंपनियों के प्रोजेक्ट में घर खरीदारों की ताकत बढ़ जाएगी.

राष्ट्रपति के मंजूदी देने का इंतजार
केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक के बाद विधि एवं न्याय मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने कहा, 'यह नया विधेयक है...मंत्रिमंडल ने इसे मंजूरी दे दी.' उन्होंने संवैधानिक प्रावधानों का हवाला देते हुए विधेयक का ब्योरा देने से इनकार किया. मंत्रिमंडल ने समिति की सिफारिशों के अनुरूप मकान खरीदारों को राहत पहुंचाने के लिये क्या कुछ उपायों को मंजूरी दी है? इस सवाल के जवाब में प्रसाद ने कहा, 'कोई भी अध्यादेश जब तक राष्ट्रपति मंजूरी नहीं देते हैं, इसके बारे में विस्तार से कुछ नहीं कहा जा सकता है.

Source:-Zeenews

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