Monday, 23 April 2018

CEO सुंदर पिचाई पर होगी पैसों की बारिश, पहली बार मिलेगा 2500 करोड़ का 'तोहफा'

नई दिल्ली: गूगल के सीईओ सुंदर पिचई पर इस बुधवार (Wednesday) धनवर्षा होगी. वह चार साल पहले मिले इनाम के एक चेक को भुनाने जा रहे हैं. 'ब्लूमबर्ग' की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 2014 में उनका प्रमोशन हुआ था. तब कंपनी ने उन्‍हें 3,53,939 रिस्ट्रिक्टेड शेयर का अवॉर्ड दिया था. अब समय आ गया है उन शेयरों को भुनाने का. ये शेयर गूगल की पैरंट कंपनी अल्फाबेट इंक ने जारी किए थे. रिस्ट्रिक्टेड शेयर वे शेयर हैं जो कुछ समय बाद ही बेचे जा सकते हैं. खास बात यह है कि पिचई को जब ये शेयर आवंटित हुए थे तब से अब तक इनकी कीमतों में 90 फीसदी का उछाल आया है. यानि अब उनकी कीमत 380 मिलियन डॉलर (2524 करोड़ रुपये) के करीब पहुंच चुकी है.

जकरबर्ग को मिला था 2.28 बिलियन डॉलर पेआउट
पहले भी टेक कंपनियों के कार्यकारियों को बड़े पेआउट मिले हैं. फेसबुक के संस्‍थापक मार्क जकरबर्ग को 2.28 बिलियन डॉलर कंपनी के आईपी ऑफरिंग के समय मिले थे. 2016 में टेस्ला के ऐलन मस्क 1.34 बिलियन डॉलर का पेआउट मिला था.

अल्‍फाबेट 2015 में अलग कंपनी बनी
गूगल ने 2017 के लिए पिचई को मिलने वाला कॉम्पेंसेशन सार्वजनिक नहीं किया है. ब्‍लूमबर्ग के मुताबिक अल्‍फाबेट ने 2015 में गूगल और एक अन्‍य इकाई अदर्स बेट से कारोबार अलग कर लिया था. अदर्स बेट के अंतर्गत 11 कंपनियां हैं जिनमें सेल्‍फ ड्राइविंग कार यूनिट वायमो और स्‍वास्‍थ्‍य केयर कंपनी वेरिली है.

Source:-Zeenews

View More About Our Services:-Mobile Database number Provider and Digital Marketing 

CJI दीपक मिश्रा पर नहीं चलेगा महाभियोग, उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने खारिज किया कांग्रेस का नोटिस

नई दिल्ली: उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा को पद से हटाने संबंधी कांग्रेस तथा अन्य दलों की ओर से दिए गए महाभियोग प्रस्ताव को नामंजूर कर दिया है. उपराष्ट्रपति ने नोटिस पर अटॉर्नी जनरल के. के. वेणुगोपाल सहित संविधानविदों और कानूनी विशेषज्ञों के साथ सोमवार को इस मामले को लेकर विचार-विमर्श किया था. नोटिस को खारिज करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि सीजेआई पर लगाए गए सभी आरोप गलत हैं. उन्होंने कहा कि, 'मैंने प्रस्ताव में सीजेआई पर लगाए गए पांचों आरोपों और उसके संबंध में पेश किए गए दस्तावेजों को परखा. कोई भी तथ्य सीजेआई के खराब बर्ताव की पुष्टि नहीं करता है.'

कांग्रेस चाहती है प्रधान न्यायाधीश हो जाएं न्यायिक उत्तरदायित्व से अलग
उप राष्ट्रपति को महाभियोग का नोटिस देने के बाद कांग्रेस के नेताओं की ओर से जारी एक बयान में कहा गया था कि, कांग्रेस इस उम्मीद के साथ प्रधान न्यायाधीश पर नैतिक दबाव बना रही है कि महाभियोग प्रस्ताव पेश किए जाने पर वह अपने न्यायिक उत्तरदायित्व से अलग हो जाएंगे. कांग्रेस के एक नेता ने कहा कि पहले भी महाभियोग का सामना करने वाले न्यायाधीश न्यायिक कार्य से अलग हुए थे और प्रधान न्यायाधीश को भी यही करना चाहिए.

कांग्रेस ने CJI पर लगाए थे ये 5 आरोप
राज्यसभा के सभापति एम. वेंकैया नायडू को महाभियोग का जो प्रस्ताव कांग्रेस ने दिया था, उसमें उन्होंने सीजेआई दीपक मिश्रा पर पांच आरोप लगाए-.


विपक्षी दलों ने कहा कि पहला आरोप प्रसाद एजुकेशनल ट्रस्ट से संबंधित हैं. इस मामले में संबंधित व्यक्तियों को गैरकानूनी लाभ दिया गया. इस मामले को प्रधान न्यायाधीश ने जिस तरह से देखा उसे लेकर सवाल है. यह रिकॉर्ड पर है कि सीबीआई ने प्राथमिकी दर्ज की है. इस मामले में बिचौलियों के बीच रिकॉर्ड की गई बातचीत का ब्यौरा भी है.प्रस्ताव के अनुसार इस मामले में सीबीआई ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति नारायण शुक्ला के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की इजाजत मांगी और प्रधान न्यायाधीश के साथ साक्ष्य साझा किये. लेकिन उन्होंने जांच की इजाजत देने से इनकार कर दिया . इस मामले की गहन जांच होनी चाहिए.

दूसरा आरोप उस रिट याचिका को प्रधान न्यायाधीश द्वारा देखे जाने के प्रशासनिक और न्यायिक पहलू के संदर्भ में है जो प्रसाद एजुकेशन ट्रस्ट के मामले में जांच की मांग करते हुए दायर की गई थी.

पांचवा आरोप है कि प्रधान न्यायाधीश ने उच्चतम न्यायालय में कुछ महत्वपूर्ण एवं संवेदनशील मामलों को विभिन्न पीठ को आवंटित करने में अपने पद एवं अधिकारों का दुरुपयोग किया.

उल्लेखनीय है कि शुक्रवार (21 अप्रैल) को कांग्रेस सहित सात विपक्षी दलों ने राज्यसभा के सभापति नायडू को न्यायमूर्ति मिश्रा के खिलाफ कदाचार का आरोप लगाते हुए उन्हें पद से हटाने की प्रक्रिया शुरू करने के लिए नोटिस दिया था. वेंकैया नायडू अगर इस नोटिस को स्वीकार करते तो प्रक्रिया के नियमों के अनुसार विपक्ष द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच के लिए न्यायविदों की तीन सदस्यों की एक समिति का गठन किया जाता.

Source:-Zeenews

View More About Our Services:-Mobile Database number Provider and Digital Marketing 

Friday, 20 April 2018

कर्नाटक चुनाव: ये 8 प्रत्याशी हैं ऐसे, जिनके पिता रह चुके हैं राज्य के मुख्यमंत्री

बेंगलुरु: कर्नाटक विधानसभा चुनाव पर देशभर की नजरें टिकी हुई हैं. 2019 लोकसभा चुनाव से पहले जहां बीजेपी के सामने दक्षिण के इस राज्य में सत्ता हासिल कर अपनी ताकत दर्शाने का मौका है तो वहीं कांग्रेस के सामने एक मात्र बड़े राज्य में बची सरकार को बचाने की चुनौती है. राज्य में कांग्रेस, बीजेपी और जेडीएस मुख्य रूप से मुकाबले में है. तीनों पार्टियां बारी-बारी से राज्य की सत्ता पर काबिज रह चुकी है. इन सबके बीच यह चुनाव इसलिए भी खास है क्योंकि, मौजूदा सीएम के बेटे के साथ 7 पूर्व मुख्यमंत्रियों के बेटे इसके जरिए अपनी आगे की राजनीतिक राह तय करेंगे.

सीएम सिद्धारमैया और येदियुरप्पा के बेटे के बीच चुनावी जंग
कर्नाटक विधानसभा चुनाव में वरुणा सीट सबसे ज्यादा हाईप्रोफाइल सीट बन गई है. दरअसल, यहां से सीएम सिद्धारमैया और बीजेपी के सीएम कैंडिडेट बीएस येदियुरप्पा के बेटे भाग्य आजमाने की तैयारी कर रहे हैं. सिद्धारमैया के बेटे यतीन्द्र और येदियुरप्पा के बेटे बीवाई विजयेंद्र ने चुनाव लड़ने के लिए वरुणा विधानसभा सीट को चुना है. ऐसे में इस सीट पर राज्य के दोनों बड़े नेताओं की प्रतिष्ठा जुड़ गई है.

पूर्व सीएम एस बंगारप्पा के बेटे भी आजमा रहे भाग्य
यूं तो एस बंगारप्पा जेडीएस के नेता के तौर पर कर्नाटक के मुख्यमंत्री रहे, लेकिन उनके बेटे कांग्रेस और बीजेपी के टिकट पर चुनाव में उतरे हैं. दिलचस्प बात यह है कि बंगारप्पा के दोनों बेटे शिवमोगा जिले की सोराबा सीट से भाग्य आजमा रहे हैं. कुमार को बीजेपी ने तो मधु को कांग्रेस ने सोराबा सीट से टिकट दिया है. पूर्व मुख्यमंत्री जेएच पटेल के बेटे महिमा पटेल को दावणगेरे जिले की चन्नागिरी सीट से जदयू ने टिकट दिया है.

इसके अलावा पूर्व सीएम धर्म सिंह के बेटे अजय सिंह को कलबुर्गी की जेवरगी और एसआर बोम्मई के बेटे बी. बोम्मई को शिगांव सीट से प्रत्याशी बनाया गया है.

मालूम हो कि कर्नाटक में विधानसभा की 224 सीटें हैं. इन सभी सीटों पर 12 मई को एक चरण में चुनाव संपन्न होंगे. 15 मई को वोटों की गिनती होगी और इसी दिन चुनाव परिणाम आएंगे.

Source:-Zeenews

View More About Our Services:-Mobile Database number Provider and Digital Marketing 

Thursday, 19 April 2018

कठुआ केस: दिल्ली की फॉरेंसिक लैब की रिपोर्ट से हुआ ये सबसे बड़ा खुलासा

कठुआ गैंग रेप मामले में एक बड़ा खुलासा हुआ है. दिल्ली की फॉरेंसिक लैब (FSL) ने तमाम सबूतों की जांच की है और उनको सच माना है.

एफएसएल की रिपोर्ट में इस बात की पुष्ट‍ि की गई है कि मंदिर में मिले खून के धब्बे पीड़िता के ही हैं. इससे इस बात की लगभग पुष्ट‍ि हो जाती है कि आठ साल की बच्ची से मंदिर के अंदर ही बलात्कार किया गया.

दिल्ली FSL ने अपनी रिपोर्ट अप्रैल के पहले हफ्ते में ही दी है. यही नहीं, मंदिर से मिले बाल की लड़ि‍यों की जांच करने पर पता चला कि उसकी डीएनए प्रोफाइल एक आरोपी शुभम सांगरा से मिलती है.

राज्य के डीजीपी ने गृह मंत्रालय से मदद मांगी थी कि सबूतों की जांच दिल्ली फॉरेसिंक लैब द्वारा की जाए. मार्च में ही पीड़िता के कपड़े, मल और अन्य कई सबूतों को जांच के लिए दिल्ली फॉरेंसिक लैब भेजा गया. पीड़िता के साथ ही आरोपी पुलिस अधिकारी दीपक खजूरिया, शुभम सांगरा और परवेश के भी ब्लड सेम्पल भेजे गए थे.

आपको बता दें कि कठुआ गैंगरेप की घटना ने पूरे देश को हिला कर रख दिया था. दोषियों को कड़ी सजा देने के लिए लोग देशभर में प्रदर्शन कर रहे हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी रेप की इन घटनाओं पर गुस्सा जताया था और न्याय मिलने की बात कही थी.


Source:-Aajtak

View More About Our Services:-Mobile Database number Provider and Digital Marketing 

Wednesday, 11 April 2018

उन्नाव केस का कच्चा चिट्ठा: 260 दिन बाद FIR, माननीय को बचाने का ऐसे चलता रहा खेल

उन्नाव गैंगरेप केस में आरोपी बीजेपी विधायक के खिलाफ 260 दिन बाद केस दर्ज होने के बाद यूपी सरकार ने सीबीआई जांच का फैसला किया है. इस केस की जांच अब सीबीआई के हवाले कर दी गई है. इससे पहले कल हुई एसआईटी जांच पर पुलिस, प्रशासन और अस्पताल स्तर पर बड़ी लापरवाही सामने आई है. लेकिन आरोपी विधायक की गिरफ्तारी के सवाल पर यूपी के डीजीपी ओपी सिंह कहा कहना है कि वह अभी सिर्फ आरोपी हैं. उनके गिरफ्तारी का फैसला सीबीआई करेगी.

एसआईटी जांच में निम्नलिखित बातें सामने आई हैं...

4 जून 2017: पीड़िता को आरोप है कि इस दिन बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर और उनके लोगों ने उसके साथ गैंगरेप किया.

11 जून 2017: पीड़िता अपने घर से गायब हो गई

12 जून 2017: उसकी मां ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई. पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पीड़िता को औरेया से बरामद किया. इसके बाद उसे कोर्ट में पेश किया गया. जज के सामने धारा 164 के तहत उसका बयान दर्ज कराया गया.

1 अगस्त 2017: उन्नाव पुलिस ने इस मामले में कोर्ट में चार्जशीट फाइल कर दी. इसके बाद पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया.

30 जून 2017: पीड़िता के चाचा उसे लेकर दिल्ली गए. वहां पीड़िता ने अपनी चाची को इस घटना के बारे में बताया.

17 अगस्त 2017: उन्नाव वापस आकर पहली बार पीड़िता ने गैंगरेप से संबंधित तहरीर थाने में दी. पुलिस ने जांच के बाद जज के सामने धारा 164 के तहत उसका बयान दर्ज कराया. इस बयान में पीड़िता ने आरोपी विधायक का नाम नहीं लिया था.

3 अप्रैल 2018: पीड़िता के पिता से साथ मारपीट की गई. जेल में पेट दर्द की शिकायत और खून की उल्टियां करने के बाद उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी मौत हो गई. इसके बाद डीआईजी जेल लव कुमार और डीएम उन्नाव के इस मामले की जांच सौंपी गई.

चार आरोपियों को किया गया गिरफ्तार

इधर, इंसाफ नहीं मिलने पर पीड़िता ने लखनऊ स्थित सीएम आवास पर आत्मदाह की कोशिश की, लेकिन उसे बचा लिया गया. इस मामले के तूल पकड़ते ही पुलिस और प्रशासन तेज हो गया. उन्नाव पुलिस अधीक्षक पुष्पांजलि के निर्देश पर इस मामले के चार नामजद अभियुक्तों सोनू, बउवा, विनीत और शैलू को गिरफ्तार कर लिया गया. वहीं, माखी के थाना प्रभारी अशोक कुमार समेत छह पुलिसकर्मियों को लापरवाही बरतने के आरोप में निलम्बित कर दिया गया. जांच के लिए एसआईटी गठित की गई.

Source:-Aajtak

View More About Our Services:-Mobile Database number Provider and Digital Marketing 

Monday, 9 April 2018

UP के बदायूं में भगवा हुई अंबेडकर की मूर्ति, बवाल के बाद फिर चढ़ा नीला रंग

उत्तर प्रदेश के बंदायूं में बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की मूर्ति के रंग को लेकर विवाद खड़ा हो गया. जिसे भगवा कर दिया गया था. बदायूं के कुंवरगांव में कुछ शरारती लोगों ने डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त कर दिया था जिसे दोबारा स्थापित किया गया. लेकिन इस बार नई प्रतिमा नीले रंग की जगह भगवा रंग की लगाई गई. अंबेडकर के कपड़ों को भगवा रंग का दिखाया गया. विपक्ष इस मुद्दे को लेकर हमलावर था. हालांकि विवाद बढ़ने के बाद अब फिर अंबेडकर की प्रतिमा को नीले रंग में रंग दिया गया है.

भगवाकरण की राजनीति!

योगी सरकार ने सत्ता का श्रीगणेश करते ही भगवा रंग का जैसे तूफान ला दिया है. थाने भगवा, नेम प्लेट भगवा, इमारत का रंग भगवा और हज हाउस से लेकर नगरपालिका तक सब भगवा. अब अंबेडकर भी भगवा हो चले हैं लेकिन सरकार चला रही पार्टी के पास रंग के नए राजपाट पर दलीलें कम नहीं हैं.

अंबेडकर के नाम पर दलितों के उत्थान पर देश में सियासी बहस जोर पकड़ रही है. होड़ इस बात कि है कि अंबेडकर को ज्यादा सम्मान किसने दिया और अब भगवा अंबेडकर पर नया घमासान सामने हैं.

विवाद बढ़ने पर यूपी राज्यपाल राम नाइक ने कहा था कि मैं एक मराठी हूं, बाबा साहेब भी मराठी थे. हिंदी भाषी राज्य आजतक उनका नाम गलत तरीके से लिखते थे, जिसे मैंने ठीक करवाया है. इसके अलावा उन्होंने ये भी कहा कि बाबा साहेब जो अपने हस्ताक्षर करते थे, उसमें भीमराव रामजी अंबेडकर ही लिखते थे. ऐसे में कुछ भी गलत नहीं है. यही नहीं, राम नाइक ने इसको लेकर 2017 में एक कैंपेन चलाया था. इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी खत लिखा था.

Source:-Aajtak

View More About Our Services:-Mobile Database number Provider and Digital Marketing 

Sunday, 8 April 2018

LIVE: थोड़ी देर में राजघाट पहुंचेंगे राहुल गांधी, दलितों के मुद्दे पर करेंगे अनशन

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी केंद्र सरकार की ‘‘नाकामी’’ और संसद की कार्यवाही ठप होने के खिलाफ अपनी पार्टी के राष्ट्रव्यापी ‘‘ अनशन’’ के तहत आज राजघाट पर प्रदर्शन का नेतृत्व करेंगे. कांग्रेस कार्यकर्ता बीजेपी सरकार के खिलाफ और देश में सांप्रदायिक सौहार्द तथा शांति को बढ़ावा देने के लिए सभी राज्य और जिला मुख्यालयों में एकदिवसीय अनशन करेंगे.

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने पार्टी की प्रदेश इकाइयों के प्रमुखों को समाज के सभी वर्गों में सौहार्द को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रव्यापी उपवास रखने के निर्देश दिए हैं. ये उपवास राज्य और जिला मुख्यालयों में 9 अप्रैल को रखने के लिए कहा गया है.

इस उपवास में राहुल अकेले नहीं होंगे बल्कि उनके साथ कांग्रेस पार्टी के वे तमाम कार्यकर्ता होंगे, जिन्हें राहुल गांधी ने 9 अप्रैल को उपवास रखने का निर्देश दिया है. ऐसे तमाम नेता और कार्यकर्ता देश भर के कांग्रेस मुख्यालयों पर अपना उपवास रखेंगे. यहां दिल्ली में राहुल गांधी के साथ भी कई वरिष्ठ कांग्रसी नेता उपवास में शामिल होंगे.

बीजेपी सांसद 12 को रखेंगे उपवास

वहीं मोदी सरकार ने विपक्ष पर फूट डालने की राजनीति करने का आरोप लगाया है. संसदीय कार्यमंत्री अनंत कुमार ने कहा है कि कांग्रेस लोकतंत्र का गला घोट रही है. संसद के कामकाज में व्‍यवधान की ओर जनता का ध्‍यान आकृष्‍ट करने के लिए बीजेपी सांसद अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में 12 अप्रैल को एक दिन का उपवास रखेंगे.

सरकार ने विपक्ष पर फूट डालने की राजनीति करने का आरोप लगाया है. संसदीय कार्यमंत्री अनंत कुमार ने कहा, कांग्रेस लोकतंत्र का गला घोट रही है. संसद के कामकाज में व्‍यवधान की ओर जनता का ध्‍यान आकृष्‍ट करने के लिए बीजेपी सांसद अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में 12 अप्रैल को एक दिन का उपवास रखेंगे. बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने भी गत शुक्रवार को इसकी घोषणा की थी.

Source:-Aajtak

View More About Our Services:-Mobile Database number Provider and Digital Marketing 

Saturday, 7 April 2018

CWG 2018 हॉकी LIVE: भारत अब 2-1 से आगे, PAK के साथ हाई वोल्टेज मुकाबला

भारत और पाकिस्तान के बीच खेले जा रहे मुकाबले में भारतीय टीम 2-1 से आगे है. भारत की तरफ से पहला गोल 13वें मिटन में 18 साल के दिलप्रीत सिंह ने किया. कॉमनवेल्थ खेलों में यह उनका पहला गोल था. इसके बाद दूसरा गोल पेनल्टी कॉर्नर पर हरमप्रीत सिंह ने 19वें मिनट में किया. पाकिस्तान की ओर से मो. इरफान जूनियर ने 38 में मिनट में गोल किया.

भारत और पाकिस्तान के बीच मुकाबले हमेशा कांटे के होते हैं. लेकिन पिछले कुछ सालों  में भारतीय टीम ने पाकिस्तान पर जबरदस्त जीत हासिल की है. पिछले साल एशिया कप में दोनों टीमें भिड़ी थीं. जहां भारतीय टीम ने गोल्ड मेडल जीता था. पिछले साल ही भुवनेश्वर में हॉकी वर्ल्ड लीग में भी भारत ने पाकिस्तान को हराया. यहां भारत को ब्रॉन्ज मिला था.

भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले मुकाबलों का एक अलग इतिहास रहा है. यह सिर्फ मैच नहीं, बल्कि यहां दोनों देशों के प्रशंसकों की भावनाओं का प्रदर्शन होता है. भारतीय टीम के मुख्य कोच शुअर्ड मरेन ने कहा, 'पाकिस्तान के खिलाफ मेरे मार्गदर्शन में खेले गए पहले मैच की शुरुआत से पहले मैंने टीम को संबोधित किया था कि यह आम मैचों की तरह ही एक मैच है, लेकिन जब मैंने इसका पहला हाफ देखा, तो मुझे साफ समझ में आ गया कि टीम के खिलाड़ियों ने मुझसे झूठ बोला. भारतीय खिलाड़ी आम मैचों से बिलकुल अलग खेल रहे थे.'

Source:-Aajtak

View More About Our Services:-Mobile Database number Provider and Digital Marketing 

Thursday, 5 April 2018

सीबीएसई पेपर लीक: शशि थरूर की अपील - "12वीं के छात्रों की ना हो दोबारा परीक्षा"

नयी दिल्ली:  कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर को 12वीं की पुुन: परीक्षा मामले में चिट्ठी लिखी है. उन्होंने ‘‘अनुकंपा के आधार पर’’ अर्थशास्त्र विषय की पुन: परीक्षा से सीबीएसई की 12 वीं के छात्रों को छूट दिये जाने का आज आग्रह किया है.

इस साल सीबीएसई 10वीं का गणित पेपर और 12वीं का अर्थशास्त्र का पेपर लीक होने से सीबीएसई की परीक्षा प्रणाली पर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं.  हालांकि 10वीं गणित का पेपर सीबीएसई ने रद्द करने से इंकार कर दिया है लेकिन 12वीं अर्थशास्त्र की परीक्षा 25 अप्रैल को दोबारा कराई जाएगी. इस मामले में 10 व्हाट्सएप ग्रुप की पहचान की गई है और साथ ही 3 लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है.

एचआरडी मंत्रालय ने पिछले सप्ताह घोषणा की थी कि प्रश्न पत्र लीक होने के मद्देनजर सीबीएसई कक्षा12 वीं के अर्थशास्त्र विषय की परीक्षा फिर से 25 अप्रैल को कराई जायेगी. आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट इस मामले में सीबीआई जांच के आदेश देने से इंकार कर दिया है. साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने अर्थशास्त्र की परीक्षा दोबारा लिए जाने के फैसले में भी दखल देने से इंकार कर चुका है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि यह सीबीएसई को तय करना है कि दोबारा परीक्षा होनी चाहिए या नहीं.

View More About Our Services:-Mobile Database number Provider and Digital Marketing 

Wednesday, 4 April 2018

सांसद छोटेलाल ने की PM मोदी से सीएम योगी की शिकायत, पढ़ें क्‍या है पूरा मामला

नई दिल्ली: यूपी के रॉबर्ट्सगंज से बीजेपी के दलित सांसद छोटेलाल ने पीएम नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखकर सूबे के सीएम योगी आदित्यनाथ की शिकायत की है. साथ ही प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र नाथ पांडे और सुनील बंसल की भी शिकायत की है. चिट्ठी में सांसद छोटेलाल ने लिखा है कि जिले के आला अधिकारी मेरा उत्पीड़न कर रहे हैं.

क्‍या है सांसद छोटेलाल के दो मामले
शिकायत 1- जब प्रदेश में अखिलेश सरकार थी उस समय 2015 में नौगढ़ वन क्षेत्र में अवैध कब्जे की शिकायत पीएम समेत कई लोगों से की लेकिन कार्रवाई की बजाय अधिकारियों ने मेरे घर को ही वन क्षेत्र में डाल दिया. राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के आदेश पर दोबारा पैमाईश में सच सामने आया कि मेरा घर वनक्षेत्र में नहीं है.

शिकायत 2- दूसरा मामला प्रदेश में योगी सरकार बनने के बाद का है. अक्टूबर 2017 में मेरे भाई (क्षेत्र पंचायत नौगढ़ का प्रमुख) के खिलाफ समाजवादी पार्टी की तरफ से अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था, जिस पर वोटिंग के दौरान असलहों से लैस अपराधी तत्व के लोगो ने मेरे पर रिवॉल्वर तान दी, जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल कर धमकी दी गाली दी उस समय अधिकारी भी मौजूद थे लेकिन उन्होंने कोई करवाई नही की. हमारे पार्टी के लोग और पुलिस अधिकारी भी शामिल थे.

Source:-Zee News

View More About Our Services:-Mobile Database number Provider and Digital Marketing